
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद बीजेपी नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने साफ संकेत दिए हैं कि अब उनकी प्राथमिकता पंजाब विधानसभा चुनाव होगी। उन्होंने कहा कि वह राज्य में पार्टी को मजबूत करने और चुनावी तैयारियों पर पूरा ध्यान केंद्रित करेंगे।
इस्तीफा स्वीकार होने के बाद क्या बोले बिट्टू?
बीजेपी के वरिष्ठ नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा पहले ही 21 जून को दे दिया था, जब उनका राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हुआ था। उन्होंने बताया कि जालंधर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान भी उन्होंने अपना इस्तीफा स्वीकार करने का अनुरोध किया था। अब राष्ट्रपति द्वारा इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद उन्होंने कहा कि उनका पूरा फोकस पंजाब विधानसभा चुनाव पर रहेगा।
पंजाब चुनाव की तैयारी में जुटेगी बीजेपी
बिट्टू ने संकेत दिए कि वह लुधियाना विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। पंजाब में अगले वर्ष की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं और बीजेपी पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि वह चुनाव अपने दम पर लड़ेगी। पार्टी राज्य में संगठन को मजबूत करने और नए सिरे से जनाधार बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है।

विधानसभा में काम करने की जताई थी इच्छा
जून में रवनीत सिंह बिट्टू ने लगभग 17 वर्षों तक संसद में रहने के बाद पंजाब विधानसभा में काम करने की इच्छा व्यक्त की थी। उन्होंने कहा था कि बीजेपी ने उन पर भरोसा जताते हुए 2024 का लोकसभा चुनाव हारने के बावजूद उन्हें केंद्रीय मंत्री बनाया। उन्होंने विश्वास जताया कि पंजाब की जनता विकास और बेहतर प्रशासन के लिए बीजेपी को मौका देना चाहती है।
कौन हैं रवनीत सिंह बिट्टू?
रवनीत सिंह बिट्टू पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं, जिनकी 1995 में हत्या कर दी गई थी। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से की और 2009 में आनंदपुर साहिब से पहली बार लोकसभा सांसद बने। इसके बाद 2014 और 2019 में लुधियाना से लगातार दो बार सांसद चुने गए। 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले वह बीजेपी में शामिल हुए और लुधियाना सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन कांग्रेस उम्मीदवार अमरिंदर सिंह राजा वडिंग से हार गए।
आगे क्या होंगे राजनीतिक मायने?
रवनीत सिंह बिट्टू का पूरा ध्यान अब पंजाब विधानसभा चुनाव पर रहेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी उन्हें राज्य में प्रमुख सिख चेहरे के रूप में आगे बढ़ा सकती है। ऐसे में लुधियाना समेत कई सीटों पर पार्टी की रणनीति में उनकी अहम भूमिका देखने को मिल सकती है।
