गुरुग्राम और नूंह रेवेन्यू जिलों के लिए बिजली वितरण के लाइसेंस मामले में एचईआरसी करेगा जनसुनवाई

Privatisation of Electricity : गुरुग्राम और नूंह रेवेन्यू जिलों के लिए बिजली के डिस्ट्रीब्यूशन के लाइसेंस हेतु आवेदन करने वाली कंपनी वन इलेवन को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट में कर्मचारी संगठनों के सांझा मोर्चा की ओर से डाली गई रिट पिटीशन पर हरियाणा विद्युत नियामक आयोग को दोबारा सुनवाई करने को कहा है। गौरतलब है की एचईआरसी ने एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट के बाद फैसला रिजर्व कर लिया था और सुनवाई के सभी रास्ते बंद कर दिए थे।
पिछले काफी दिनों से हरियाणा के गुरुग्राम और नूंह जिलों में गौतम अडानी की कंपनी वन इलेवन को समानांतर बिजली वितरण का काम देने की चर्चाएं चल रही थीं। इस मामले में प्रदेश के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने भी साफ किया था कि सरकार कंपनी को ठेका देने के पक्ष में नहीं है।

इस मामले को लेकर कर्मचारी संगठनों के सांझा मोर्चा ने एचईआरसी के मुख्यालय के बाहर उनकी आपत्तियों सुने जाने को लेकर रोष प्रदर्शन किया था।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले के बाद एचईआरसी अब स्टेकहोल्डर से दोबारा जनसुनवाई करेगा। बताया गया है कि हाईकोर्ट के आदेश पर अब एचईआरसी कर्मचारी संगठनों के सांझा मोर्चा और स्टेक होल्डर की आपत्तियों पर आगामी 28 सितंबर को सुनवाई करेगा। इससे पहले स्टेक होल्डर को अब तक चल रही सुनवाई के दस्तावेज सौंपे जाने का भी दिशा निर्देश हाईकोर्ट द्वारा दिया गया है।
