जीटी रोड जाम करने के लिए निकले किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, वाटर कैनन का भी प्रयोग

Farmers on Road : प्रदेश में धान की सरकारी खरीद शुरू करने की मांग को लेकर आज किसानों ने अनेक स्थानों पर धरना दिया और प्रदर्शन किया। कुरुक्षेत्र में किसानों को जीटी रोड जाम करने से रोकने के लिए पुलिस ने किसानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े और वाटर कैनन का प्रयोग किया। पानीपत में भी किसानों द्वारा धरना दिए जाने की बात सामने आ रही है।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में धान की सरकारी खरीद शुरू न होने पर किसान और पुलिस आमने-सामने हो गए। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ने मंगलवार को जीटी रोड जाम करने का ऐलान किया था। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा के साथ मीटिंग बेनतीजा रहने के बाद किसान जीटी रोड जाम करने के लिए निकले। किसानों को जीटी रोड जाम करने से रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस के गोलों का प्रयोग किया।
किसानों की मुख्य मांग प्रदेश में धान की सरकारी खरीद (MSP) जल्द शुरू करना है। प्रदेश सरकार साफ कर चुकी है कि वह धान की सरकारी खरीद शुरू करने के लिए तैयार है लेकिन यह काम केंद्र सरकार का है। केंद्र सरकार ने 1 अक्टूबर से धान की सरकारी खरीद शुरू करने की घोषणा कर रखी है।
धान की खरीद शुरू करवाने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ग्रुप के किसान शाहाबाद में एकत्रित हुए। किसानों ने धान खरीद में देरी को लेकर रोष जताया और सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का ऐलान किया। किसान नेताओं ने कहा कि जब तक धान की खरीद शुरू नहीं होती, तब तक किसानों की मांगों को लेकर संघर्ष जारी रहेगा। किसान नेताओं ने ऐलान किया है कि चाहे उनको गोली खानी पड़े वह गोली खाने को तैयार है। लेकिन वह पीछे नहीं हटेंगे।

इस दौरान भाकियू चढ़ूनी ग्रुप के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने किसानों को संबोधित करते हुए नेशनल हाईवे जाम करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए परेशान होना पड़ रहा है। चढ़ूनी ने कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि “चाहे गोली खानी पड़े, खाएंगे, लेकिन रोड जाम जरूर करेंगे।”
किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक धान की खरीद शुरू नहीं होगी तब तक वह पीछे नहीं हटेंगे। वहीं प्रशासन ने भारी पुलिस बल भी तैनात किया है। और बेरिकेड्स भी लगाए है।
पानीपत में अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर कई किसान संगठनों ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से सरकार के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं के शीघ्र समाधान की गुहार लगाई। धरने में पहुंचे प्रमुख किसान नेता अभिमन्यु कुहाड़ ने किसानों के हक में आवाज बुलंद करते हुए सरकार को आड़े हाथों लिया।
किसान नेता अभिमन्यु कुहाड़ ने सरकार के सामने प्रमुखता से धान खरीद की मांग रखी। उन्होंने कहा कि सरकार धान की खरीद तुरंत शुरू करे और किसानों को 2,441 रुपए प्रति क्विंटल से अधिक का भाव दिया जाए।
किसान नेता अभिमन्यु कोहड़ ने राजनीतिज्ञों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि चाहे सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, किसान के नाम पर वोट तो सब ले लेते हैं, लेकिन जैसे ही ये नेता विधानसभा और संसद में पहुंचते हैं, किसान और मजदूरों के असली मुद्दों को पूरी तरह भूल जाते हैं।
धरने में मौजूद किसान यूनियन प्रधान दिलबाग सहित अन्य किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी जायज मांगों पर जल्द कोई सकारात्मक फैसला नहीं लिया, तो किसान अपने आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होंगे।
