राज्य

नशे को लेकर समूचे विपक्ष ने आम आदमी पार्टी सरकार को घेरा

Drugs free Punjab : पंजाब में नशे का प्रचलन नया नहीं है लेकिन नशा अब पंजाब में राजनीतिक रूप से बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। एक ओर जहां नशा मुक्त पंजाब को लेकर भाजपा ने चार चरणों में यात्रा शुरू की है वहीं दूसरी ओर संगरूर में एक व्यक्ति ने उपायुक्त कार्यालय के सामने जहरीला पदार्थ खाकर इस मुद्दे को और हवा देने का काम किया है।

पंजाब के संगरूर जिले में उपयुक्त के कार्यालय के बाहर एक व्यक्ति के जहरीला पदार्थ निगलने के बाद नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। व्यक्ति का आरोप था कि अधिकारी उसके गांव में कथित तौर पर बिक रहे ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई करने में नाकाम रहे हैं। जगसीर सिंह उर्फ जग्गा को संगरूर सरकारी अस्पताल ले जाया गया और बाद में आगे के इलाज के लिए पटियाला के राजिंदरा अस्पताल रेफर कर दिया गया। जगसीर ने आरोप लगाया कि उसके गांव, नमोल में ड्रग्स बेचे जा रहे थे और सरपंच व प्रशासन को इस मुद्दे के बारे में बार-बार सूचित किया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

नशे को लेकर समूचे विपक्ष ने आम आदमी पार्टी सरकार को घेरा

डीसी कार्यालय में उसके साथ गए उसके दोस्त मंजिंदर सिंह ने आरोप लगाया कि जगसीर ने पहले ऐसे वीडियो बनाए थे जिनमें लोगों को कथित तौर पर ‘चिट्टा’ बेचते हुए दिखाया गया था। बाद में उस पर हमला भी हुआ था। मंजिंदर ने दावा किया कि इस कथित घटना के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। उसने बताया कि जगसीर ने उसे कहा था कि उसने ‘सल्फास’ खा लिया है।

डॉ. इकबालप्रीत सिंह ने कहा कि मरीज ने जहरीला पदार्थ खाया था, उसे प्राथमिक उपचार दिया गया और आगे के इलाज के लिए पटियाला के राजिंदरा अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टर के अनुसार, जो पदार्थ जगसीर ने खाया है उसकी पहचान फार्नेल के तौर पर की गई। संगरूर शहर के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) मनप्रीत सिंह भी मौके पर पहुंचे, लेकिन उन्होंने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि युवक का इलाज चल रहा है और इलाज के बाद ही आगे की जानकारी दी जा सकती है।

इस घटना ने अब राजनीतिक टकराव को जन्म दे दिया है। कांग्रेस और बीजेपी नेता ड्रग्स की समस्या और ड्रग्स के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साध रहे हैं।

विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भी पंजाब सरकार पर निशाना साधा और कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के गृह जिले संगरूर में एक और व्यक्ति ने आत्महत्या की कोशिश की। बाजवा ने आरोप लगाया कि ड्रग्स के खिलाफ आवाज उठाने की वजह से जग्गा को धमकाया गया और उसके साथ मारपीट की गई। उन्होंने दावा किया कि जग्गा ने पुलिस से संपर्क किया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने सरकार के ड्रग-फ्री पंजाब के दावों पर सवाल उठाए और पूछा कि ड्रग्स की समस्या और इसका विरोध करने वालों की सुरक्षा को गंभीरता से लेने के लिए और कितनी घटनाओं की जरूरत है।

कांग्रेस के पंजाब प्रभारी सचिन पायलट ने कहा कि इस घटना से पता चलता है कि पंजाब में ड्रग्स के खिलाफ आवाज उठाने वालों को किस तरह के दबाव और बुरे बर्ताव का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि ड्रग्स के खिलाफ वीडियो पोस्ट करने के बाद जग्गा को धमकियां मिलीं और परेशान किया गया। उन्होंने AAP सरकार और प्रशासन की जवाबदेही पर भी सवाल उठाए।

बीजेपी नेता परमिंदर बरार ने भी आप सरकार पर निशाना साधा और जग्गा सिंह के मामले को संगरूर में गुलजार सिंह और मोहनजीत सिंह से जुड़ी हालिया घटनाओं से जोड़ा।

‘पंजाब सरकार ड्रग्स बेचनेवालों का दे रही साथ’

बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने सवाल उठाया कि क्या ड्रग माफिया को कथित संरक्षण और ड्रग्स के खिलाफ आवाज़ उठाने वालों को कथित तौर पर परेशान करना पंजाब की ज़मीनी हकीकत को दिखाता है। मोहनजीत सिंह, गुलजार सिंह और अब जगसीर सिंह का जिक्र करते हुए, बिट्टू ने आरोप लगाया कि सरकार ड्रग बेचने वालों का साथ दे रही है और ड्रग्स के खिलाफ आवाज उठाने वालों के साथ दुश्मनों जैसा बर्ताव किया जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button