गोवा में चुनावी समीकरण बदले, AAP और GFP ने मिलकर बीजेपी-कांग्रेस के सामने पेश किया नया विकल्प

गोवा विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी और गोवा फॉरवर्ड पार्टी के गठबंधन ने राज्य की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है। ‘गोवा फर्स्ट’ नाम से बने इस मोर्चे के सामने अब कांग्रेस और बीजेपी दोनों के समीकरणों पर असर पड़ने की चर्चा तेज हो गई है।
AAP और GFP ने मिलाया हाथ
गोवा विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) ने गोवा फॉरवर्ड पार्टी (GFP) के साथ गठबंधन का ऐलान कर दिया है। दोनों दलों ने अपने गठबंधन को ‘गोवा फर्स्ट’ नाम दिया है।
पणजी में गठबंधन की घोषणा करते हुए AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गोवा की जनता बदलाव चाहती है और आगामी चुनाव में बीजेपी बहुमत हासिल नहीं कर पाएगी। उन्होंने दावा किया कि ‘गोवा फर्स्ट’ सरकार बनाएगा।
केजरीवाल ने कांग्रेस को लेकर क्या कहा?
गठबंधन की घोषणा के दौरान केजरीवाल ने बीजेपी के वोटरों को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बीजेपी से नाराज होने के बावजूद उसका मतदाता कांग्रेस को वोट नहीं देगा। उनके मुताबिक ऐसे मतदाता ‘गोवा फर्स्ट’ गठबंधन का विकल्प चुन सकते हैं।

केजरीवाल ने यह भी कहा कि उनका गठबंधन अपने दम पर चुनाव जीतने की स्थिति में है। उनके साथ GFP अध्यक्ष विजय सरदेसाई भी मौजूद रहे।
पवन खेड़ा ने साधा निशाना
केजरीवाल के बयान पर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर केजरीवाल के बयान को साझा करते हुए AAP की तुलना बीजेपी से की।
खेड़ा ने तंज कसते हुए कहा कि AAP को “इंग्लिश-मीडियम वाली BJP” बताया जा सकता है और केजरीवाल खुद मान रहे हैं कि बीजेपी और AAP में ज्यादा फर्क नहीं है। उन्होंने इसे कथित तौर पर “ईमानदारी का दुर्लभ प्रदर्शन” बताते हुए व्यंग्य किया।
विजय सरदेसाई ने गठबंधन को क्यों बताया जरूरी?
GFP अध्यक्ष विजय सरदेसाई ने कहा कि गठबंधन बनाना जरूरी था और दोनों दलों का मुख्य उद्देश्य गोवा के हितों को प्राथमिकता देना है।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि गठबंधन का दायरा आगे बढ़ सकता है। सरदेसाई के मुताबिक, समान विचारधारा रखने वाली राजनीतिक ताकतों के लिए गठबंधन के दरवाजे खुले हैं। उन्होंने दावा किया कि कई लोग दोनों दलों के संपर्क में हैं और अपनी मौजूदा पार्टी की राजनीति से असंतुष्ट नेता भी उनसे बातचीत कर रहे हैं।
सरदेसाई का राजनीतिक अनुभव
विजय सरदेसाई गोवा की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय चेहरा हैं। वह मनोहर पर्रिकर और प्रमोद सावंत सरकार में उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं।
इसके अलावा उन्होंने कृषि और नगर एवं ग्राम नियोजन जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी भी संभाली है। उन्होंने 25 जनवरी 2016 को गोवा फॉरवर्ड पार्टी की स्थापना की थी।
चुनावी मुकाबले में कितना बदलेगा समीकरण?
‘गोवा फर्स्ट’ के गठन के साथ राज्य में विपक्षी राजनीति का समीकरण दिलचस्प हो गया है। AAP जहां बदलाव और नए राजनीतिक विकल्प का संदेश दे रही है, वहीं कांग्रेस गठबंधन और केजरीवाल के बयानों को लेकर हमलावर है।
आगे अगर इस मोर्चे में अन्य समान विचारधारा वाले दल या नेता शामिल होते हैं, तो इसका चुनावी असर और बढ़ सकता है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ‘गोवा फर्स्ट’ बीजेपी और कांग्रेस के बीच मुकाबले को त्रिकोणीय बनाकर सत्ता की तस्वीर बदल पाएगा?
