सास की संपत्ति हड़पने के लिए रची खौफनाक साजिश, साले को जेल भेजने के लिए कराया फर्जी लूटकांड, आरोपी गिरफ्तार

बिहार के मुजफ्फरपुर में एक पारिवारिक विवाद ने उस समय सनसनीखेज मोड़ ले लिया, जब पुलिस जांच में कथित फर्जी लूटकांड के पीछे संपत्ति हड़पने की साजिश का खुलासा हुआ। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने अपने साले को झूठे मामले में फंसाकर जेल भेजने की योजना बनाई थी, ताकि बाद में सास की जमीन पर कब्जा किया जा सके।
लूट की शिकायत से खुली साजिश की परतें
मुजफ्फरपुर के कांटी थाना क्षेत्र में 25 जून को दर्ज एक लूट के मामले की जांच के दौरान पुलिस को कई संदिग्ध तथ्य मिले। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम ने तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल की, जिसमें कथित साजिश का खुलासा हुआ।
देवघर से मुख्य आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने कांटी निवासी नितेश चौबे को देवघर (झारखंड) से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने अपने मित्र की मदद से अपनी सास के दस्तावेज और मतदाता पहचान पत्र घटनास्थल पर रखवाए, ताकि लूट की घटना को वास्तविक दिखाया जा सके।

साले को फंसाकर संपत्ति पर कब्जे की थी योजना
पुलिस के अनुसार, आरोपी का मकसद अपने साले धर्मेश कुमार को झूठे आपराधिक मामले में फंसाकर जेल भिजवाना था। जांच में दावा किया गया है कि बाद में उसे छुड़ाने के बहाने सास की संपत्ति पर कब्जा करने की योजना बनाई गई थी। कथित तौर पर इसी उद्देश्य से घटनास्थल पर साले का वोटर आईडी कार्ड भी छोड़ा गया था।
पुलिस अधिकारी ने क्या बताया?
पश्चिमी मुजफ्फरपुर की डीएसपी सुचित्रा कुमारी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम बनाई गई थी। जांच के दौरान मिले तकनीकी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि इस कथित साजिश में और भी लोगों के शामिल होने की आशंका है। इसलिए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। साथ ही गिरफ्तार आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
