
बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने विधान परिषद के लिए मनोनीत होने के बाद पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे बड़ी जिम्मेदारी बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर एनडीए के सभी सहयोगी दलों के नेताओं का आभार व्यक्त किया और जनता की सेवा का संकल्प दोहराया।
नई जिम्मेदारी पर जताया आभार
विधान परिषद के लिए मनोनीत किए जाने के बाद दीपक प्रकाश ने कहा कि यह उनके लिए सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और एनडीए गठबंधन के सभी सहयोगी नेताओं का धन्यवाद व्यक्त किया। उनके अनुसार, यह विश्वास उन्हें और अधिक समर्पण के साथ काम करने की प्रेरणा देता है।
जनता की सेवा को बताया प्राथमिकता
पंचायती राज विभाग के मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि अब तक जिस निष्ठा और जवाबदेही के साथ उन्होंने अपनी जिम्मेदारियां निभाई हैं, आगे भी उसी समर्पण के साथ काम करेंगे। उन्होंने कहा कि नई भूमिका मिलने के बाद जनता के प्रति उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है तथा विकास कार्यों को गति देना उनकी प्राथमिकता रहेगी।

विपक्ष के आरोपों पर क्या बोले?
विपक्ष की ओर से नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग को लेकर पूछे गए सवाल पर दीपक प्रकाश ने कहा कि अब उन सभी मुद्दों का कोई औचित्य नहीं रह गया है। उनके मुताबिक, सभी संवैधानिक और औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं, इसलिए पहले उठाए गए सवाल अब अप्रासंगिक हो गए हैं।
कोर्ट में पहुंचे मामले पर प्रतिक्रिया
जब उनसे उस मामले के बारे में पूछा गया, जो अदालत तक पहुंचा था और जिसमें सरकार से जवाब भी मांगा गया था, तो उन्होंने कहा कि वह अब बीते समय की बात है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान अपने दायित्वों के निर्वहन और जनता के हित में काम करने पर केंद्रित है।
मंत्री पद पर जारी रहेगा काम
मंत्री पद पर बने रहने को लेकर उठे सवालों पर दीपक प्रकाश ने साफ कहा कि वह पूरी मजबूती और प्रतिबद्धता के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे। उन्होंने दोहराया कि जनता का विश्वास बनाए रखना और विकास कार्यों को आगे बढ़ाना ही उनका मुख्य लक्ष्य है।
