दिल्ली-NCR में बारिश बनी आफत! सड़कें बनीं तालाब, जलभराव और ट्रैफिक जाम से घंटों परेशान रहे लोग

दिल्ली-एनसीआर में रातभर हुई हल्की से मध्यम बारिश ने मौसम तो सुहाना कर दिया, लेकिन सुबह लोगों की मुश्किलें भी बढ़ा दीं। कई प्रमुख सड़कें पानी में डूब गईं, जिससे लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, स्कूल वाहन और रोजाना सफर करने वाले हजारों लोगों को घंटों तक जाम और जलभराव का सामना करना पड़ा।
बारिश के बाद सड़कों पर थमी रफ्तार
लगातार हुई बारिश के कारण राजधानी के कई इलाकों में पानी भर गया। जलभराव की वजह से वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई और कई प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लग गया। सुबह के व्यस्त समय में सड़कें पूरी तरह दबाव में नजर आईं, जिससे लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी देरी हुई।
इन प्रमुख मार्गों पर लगा लंबा जाम
बारिश के बाद महरौली-बदरपुर रोड सबसे अधिक प्रभावित मार्गों में शामिल रही। इसके अलावा ITO, मथुरा रोड, लोधी रोड, रोहतक रोड, शंकर रोड-कीर्ति नगर मार्ग, दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग, मधुबन चौक, पीरागढ़ी और शाहीन बाग में भी वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। पूर्वी दिल्ली के कई हिस्सों में भी यातायात सामान्य से काफी धीमा रहा।

कई कॉलोनियों में जलभराव से बढ़ी परेशानी
जीटी रोड, लोनी रोड, झिलमिल, जीटीवी एन्क्लेव और दिलशाद गार्डन जैसे इलाकों में सड़कों पर पानी भरने से वाहन रेंगते नजर आए। वहीं संगम विहार और दक्षिण पुरी के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बनी रही। दक्षिण दिल्ली के कुछ क्षेत्रों में स्थानीय लोगों ने बाढ़ जैसे हालात की शिकायत भी की।
अस्पताल तक नहीं बच पाए बारिश के असर से
बारिश का असर केवल सड़कों तक सीमित नहीं रहा। राजधानी के प्रमुख सफदरजंग अस्पताल की गैलरी में भी बारिश का पानी भर गया, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर लोगों ने सोशल मीडिया पर जलभराव की तस्वीरें और वीडियो साझा कर प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की।
MCD को मिलीं जलभराव और पेड़ गिरने की शिकायतें
दिल्ली नगर निगम (MCD) के अनुसार, बुधवार को पेड़ गिरने की तीन घटनाएं दर्ज की गईं। वहीं जलभराव की 10 शिकायतें नियंत्रण कक्ष तक पहुंचीं, जिनमें अधिकांश शिकायतें मध्य और दक्षिण दिल्ली से थीं। लगातार हो रही बारिश के कारण प्रशासन भी हालात पर नजर बनाए हुए है।
बारिश राहत भी, चुनौती भी
मानसून की बारिश ने गर्मी से राहत जरूर दिलाई है, लेकिन राजधानी की जल निकासी व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। हर साल बारिश के दौरान जलभराव और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याएं सामने आती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर ड्रेनेज सिस्टम और समय पर रखरखाव से ऐसी परेशानियों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
