गोकुल सेतिया ने फेसबुक पर लाइव आकर और पोस्ट करके बीरेंद्र सिंह का खुलकर किया विरोध
सिरसा कांग्रेस में खींचतान की हुई सार्वजनिक
Sirsa Congress Politics : कांग्रेस में सिरसा की राजनीतिक खींचतान फिर सार्वजनिक हो गई है। आठ अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर होने वाले प्रदर्शन के लिए पूर्व सांसद चौधरी बीरेंद्र सिंह को सिरसा का पर्यवेक्षक बनाया गया है। इस पर विधायक गोकुल सेतिया ने खुलकर विरोध जताया है।
गोकुल सेतिया ने पर्यवेक्षकों की नियुक्ति के पहले पेज को फेसबुक पर डालते हुए फ्रिज के नीचे लिखा है, मेरा भी स्वागत करने को तैयार रहना अब उचाना में हमें किसी नियुक्ति की जरूरत नहीं है।
गोकुल सेतिया ने देर रात एक पोस्ट डालते हुए लिखा, मुझे अगर उचाना प्रभारी लगाते तो क्या वहां से चुनाव लड़ने वालों से ना पूछते? पर सिरसा में प्रभारी जी व प्रधान जी ने वहां के अपनी पार्टी के विधायक से सलाह करनी जरूरी नहीं समझी। उचाना हमारी सिरसा की सांसद गईं और चंद दिनों में वहां वाले सिरसा के प्रभारी बने क्या सांसद मैडम की अनुमति बगैर ये संभव है?
आगे इसका जवाब देते हुए गोकुल सेतिया ने खुद ही लिखा इसमें तो कोई शक नहीं के सांसद जी की अनुमति के साथ नियुक्ति हुई क्यूंकि सीनियर नेता हैं वो और सांसद भी सिरसा की। पर सांसद जी को मेरे से क्या दिक्कत है खुल कर बता दें। पहले अपने साथी को विधानसभा चुनाव में मेरे पक्ष में बिठाने का प्रयास तक नहीं किया और फिर नगरपरिषद चुनाव में उनके सभी साथी कांग्रेस के प्रत्याशी के विरुद्ध थे और उन्होंने आँखें मीच कर रखी और अब ये हमारे पार्टी में विरोधियों की नियुक्ति सिरसा में। मैं चुप था इसका ये मतलब नहीं के आंखें बंद कर रखी थी मैंने।
इससे पहले गोकुल सेतिया ने फेसबुक पर लाइव आते हुए कहा कि पार्टी प्रभारी और प्रधान नए हैं, लेकिन उन्हें पता है कि कुछ लोगों से उनका राजनीतिक टकराव चल रहा है। गोकुल ने इंटरनेट मीडिया पर लाइव आकर कहा कि उचाना वालों से उनका राजनीतिक टकराव है और फिर भी चोर मोरी से सिरसा में प्रवेश का प्रयास हो रहा है। उन्होंने कहा, “शायद प्रभारी और प्रधान मुझे पार्टी का हिस्सा नहीं समझते।”
भाई की शादी से शुरू हुआ था दोनों में विवाद
गोकुल सेतिया के भाई विभोर सेतिया की शादी में बीरेंद्र सिंह शामिल नहीं हुए थे। बाद में शादी में शामिल न होने को लेकर बीरेंद्र सिंह ने टिप्पणी की कि हर किसी की शादी में शामिल नहीं हुआ जा सकता।इस पर गोकुल ने पलटवार करते हुए कहा था, “हमारी कौन सी बाजू अकड़ी पड़ी है।” इसके बाद दोनों के बीच राजनीतिक तल्खी और बढ़ गई।
