Ahirwal Politics : रेवाड़ी नगर परिषद की उपप्रधान की कुर्सी पर केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह निखिल मांढैया को बैठाने की तैयारी कर रहे हैं वहीं विरोधी खेमा राव इंद्रजीत सिंह को पटखनी देकर किसी दूसरे को उप प्रधान बनाने के लिए मुख्यमंत्री से संपर्क करने की तैयारी में है।
8 अक्टूबर को प्रधान के चुनाव के लिए तारीख निर्धारित की गई है। विरोधी खेमा कल मुख्यमंत्री से इस मामले में संपर्क करने की तैयारी में है। केंद्रीय मंत्री के विरोधियों को उम्मीद है कि उन्हें इस मामले में हरियाणा के मुख्यमंत्री का आशीर्वाद मिल सकता है। इसके पीछे बड़ा कारण है कि पिछले कुछ समय में केंद्रीय मंत्री के समर्थकों ने विभिन्न मौकों पर मुख्यमंत्री को नाराज करने का काम किया है।
प्रशासन ने आठ अक्टूबर को चुनाव की तारीख तय कर दी है। इसकी सूचना नगर परिषद तक पहुंच चुकी है। तारीख तय होने के साथ ही अलग-अलग दावेदार अपने समर्थक पार्षदों को साथ रखने में जुट गए हैं। कुछ पार्षदों को लेकर दावेदार शहर से बाहर रवाना हो चुके हैं, जबकि एक धड़ा अभी रेवाड़ी में ही है।
राव इंद्रजीत ने दो दिन पहले अट्ठाईस पार्षदों को अपने आवास पर बुलाकर उपप्रधान पद को लेकर मंथन किया था। बैठक के बाद सहमति बनने की उम्मीद थी, लेकिन इसके उलट अलग-अलग धड़े अपने समर्थक पार्षदों की बाड़ेबंदी में जुट गए। राव समर्थित खेमे की ओर से निखिल मांडिया का नाम आगे चल रहा है, जबकि पूनम यादव, चेतराम सैनी और सुमन सैनी भी दावेदारों के तौर पर सक्रिय हैं।
जिला नगर आयुक्त की ओर से आठ अक्टूबर को चुनाव कराने की तारीख जारी होते ही पार्षदों को अपने-अपने पाले में रखने की कवायद तेज हो गई है। संदीप यादव और चेतराम सैनी अपने समर्थक पार्षदों के साथ शहर से बाहर रवाना हो चुके हैं। वहीं राव खेमे की ओर से चेयरपर्सन विनीता पीपल और उनके पति एडवोकेट नरेंद्र पीपल को पार्षदों की बाड़ेबंदी की जिम्मेदारी दिए जाने की चर्चा है। राव समर्थित खेमे की ओर से निखिल मांडिया का नाम उपप्रधान पद के लिए सामने आ रहा है। उनके समर्थन में पार्षदों को एकजुट रखने की कोशिश की जा रही है।
राव इंद्रजीत की बैठक के बाद भी सहमति नहीं बनने से अब खेमे के सामने संख्या बनाए रखने की चुनौती है। हालांकि राव समर्थित खेमे की ओर से पर्याप्त समर्थन होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
उपप्रधान पद की दौड़ में निखिल मांडिया के अलावा पूनम यादव, चेतराम सैनी और सुमन सैनी के नाम भी चर्चा में हैं। पूनम यादव, संदीप यादव की पत्नी हैं, जबकि सुमन सैनी, जुगनू सैनी की पत्नी हैं। संदीप यादव और चेतराम सैनी अपने-अपने समर्थक पार्षदों को लेकर शहर से बाहर रवाना हो चुके हैं। वहीं सुमन सैनी के रेवाड़ी में ही मौजूद होने की बात कही जा रही है।
28 पार्षदों को बैठक के लिए बुलाया
नगर परिषद के चुनाव में बारह पार्षद भाजपा की टिकट पर चुनाव जीते थे, जबकि सोलह पार्षद बाद में भाजपा में शामिल हुए थे। ऐसे में उपप्रधान चुनाव में भाजपा से जुड़े पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राव इंद्रजीत की ओर से 28 पार्षदों को बैठक के लिए बुलाया जाना भी इसी राजनीतिक समीकरण के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
किसी खेमे के पास स्पष्ट संख्या नहीं
उपप्रधान पद के लिए सत्रह पार्षदों का समर्थन जरूरी है। राजनीतिक चर्चाओं में राव समर्थित खेमे के पास तेरह से चौदह और विरोधी खेमे के पास बारह से तेरह पार्षद होने की बात कही जा रही है। इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में फिलहाल किसी भी खेमे के पास स्पष्ट बहुमत की स्थिति सामने नहीं आई है।
चुनाव टलवाने की चर्चा के बीच तारीख घोषित
राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी है कि आठ अक्टूबर को चुनाव नहीं हो, इसके लिए प्रयास किए जा सकते हैं। दूसरी ओर यदि किसी धड़े के पास बहुमत का आंकड़ा पूरा हो जाता है, तो वह मुख्यमंत्री से मुलाकात कर चुनाव कराने की मांग उठा सकता है। हालांकि फिलहाल प्रशासन की ओर से आठ अक्टूबर की तारीख घोषित की जा चुकी है।
कांग्रेस समर्थित पार्षदों पर भी नजर
उपप्रधान चुनाव में कांग्रेस समर्थित पार्षद भी समीकरण बदलने में भूमिका निभा सकते हैं। अंदरखाने अलग-अलग खेमों की ओर से उन्हें अपने पक्ष में करने के प्रयासों की चर्चा है। वहीं राव समर्थित खेमे की ओर से पर्याप्त बहुमत होने का दावा किया जा रहा है। चुनाव की तारीख तय होने के बाद अब सभी खेमों का फोकस अपने साथ पार्षदों की संख्या बनाए रखने पर है।
राव इंद्रजीत की बैठक के बाद भी सहमति नहीं बनी और अब चुनाव की तारीख भी सामने आ चुकी है। ऐसे में आठ अक्टूबर तक पार्षदों की बाड़ेबंदी और संख्या जुटाने की राजनीति और तेज होने की संभावना है।
