राज्य

पीजीआई रोहतक के वार्ड 4 में दाखिल महिला के ऊपर गिरा लेंटर और प्लास्टर का मलबा

महिला का टूटा हाथ, 22 दिन में लेंटर का मलबा और प्लास्टर गिरने का दूसरा मामला

PGI Roof Collapse : पीजीआई रोहतक में भवन की देखभाल ठीक तरीके से नहीं हो पा रही है। 22 दिन में दो बार लेंटर का मलबा गिर चुका है। पिछली बार तो इस हादसे में कोई नुकसान नहीं हुआ था लेकिन बीती देर रात मलबा गिरने से एक महिला के हाथ में फ्रैक्चर हो गया है।

जानकारी के अनुसार वार्ड-4 में उपचाराधीन महिला के ऊपर रात के समय छत के लेंटर और प्लास्टर का हिस्सा टूटकर गिर गया। हादसे में महिला के हाथ में फ्रैक्चर हो गया। एक माह से भी कम समय में पीजीआई रोहतक में छत का हिस्सा गिरने की यह दूसरी घटना है।

परिजनों के अनुसार वे तीन अक्तूबर को महिला को उपचार के लिए पीजीआई रोहतक लेकर आए थे। उसे वार्ड-4 में भर्ती कराया गया था। रात में महिला अपने बेड पर लेटी थी, तभी अचानक छत का एक हिस्सा भरभराकर उसके ऊपर आ गिरा। तेज आवाज के साथ मलबा गिरने से वार्ड में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में महिला के हाथ में फ्रैक्चर हो गया।

22 दिन पहले गायनी वार्ड में गिरा था मलबा

इससे पहले 14 सितंबर को जच्चा-बच्चा (गायनी) वार्ड-2 में भी छत से लेंटर और प्लास्टर का भारी हिस्सा टूटकर बेड पर गिरा था। उस समय बेड पर कोई मरीज मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया था। अब वार्ड-4 में मलबा सीधे मरीज पर गिरने से भवनों के रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

परिजनों ने जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की

परिजनों ने कहा कि वे बेहतर इलाज की उम्मीद में महिला को पीजीआई रोहतक लेकर आए थे, लेकिन छत का हिस्सा गिरने से उसकी सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया। उनका कहना है कि यदि मलबा सिर या शरीर के ऊपरी हिस्से पर गिरता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। उन्होंने घटना की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। परिजनों ने आरोप लगाया कि घटना के बाद कोई प्रशासनिक अधिकारी जिम्मेदारी लेने के लिए सामने नहीं आया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button