
उत्तराखंड के कीर्तिनगर में युवाओं ने जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में रैली और धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने तहसील के माध्यम से प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के नाम ज्ञापन भेजकर अपनी विभिन्न मांगें रखीं।
छात्रों के समर्थन में निकाला पैदल मार्च
शुक्रवार को समाजसेवी गणेश भट्ट के नेतृत्व में युवाओं ने कीर्तिनगर बाजार से तहसील परिसर तक पैदल मार्च निकाला। इसके बाद तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया गया और प्रधानमंत्री कार्यालय के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
निष्पक्ष जांच की उठाई मांग
प्रदर्शन के दौरान गणेश भट्ट ने कहा कि देश की प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं से छात्र-छात्राओं में व्यापक असंतोष है। उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित बल प्रयोग की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग
प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और परीक्षा प्रणाली को अधिक विश्वसनीय बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी दोहराई।

दोषियों पर कार्रवाई की मांग
समाजसेवी बीना चौधरी नेगी ने कहा कि आंदोलन के दौरान छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार और बल प्रयोग के मामलों में यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
कई स्थानीय लोग भी हुए शामिल
प्रदर्शन में कुलदीप राणा, रवींद्र बिष्ट, अभिषेक उपाध्याय, प्रवीण सालेरा, विजय कुमार, अनिल खत्री सहित कई स्थानीय युवाओं ने भाग लिया। सभी ने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी।
कीर्तिनगर में आयोजित यह प्रदर्शन देशभर में चल रही छात्र आंदोलन की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा है। अब आगे संबंधित अधिकारियों और सरकार की प्रतिक्रिया पर सभी की नजर रहेगी।
