आंबेडकर प्रतिमा से छेड़छाड़ पर भड़का आक्रोश, लुधियाना में सात घंटे बंद रहा बाजार

सत्य निकेतन जैसी घटनाओं के बीच लुधियाना में डॉ. बीआर आंबेडकर की प्रतिमा से तोड़फोड़ ने वाल्मीकि और दलित संगठनों में आक्रोश पैदा कर दिया। बुधवार को लुधियाना और होशियारपुर में विरोध जताया गया। प्रदर्शनकारियों ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की, जबकि NH-44 पर जाम से यातायात भी प्रभावित हुआ।
आंबेडकर प्रतिमा से तोड़फोड़ के बाद बढ़ा आक्रोश
पंजाब के लुधियाना में डॉ. बीआर आंबेडकर की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने के विरोध में बुधवार, 9 सितंबर को लुधियाना बंद रहा। मंगलवार शाम जालंधर बाईपास चौक पर अज्ञात लोगों ने प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किया था। घटना की जानकारी सामने आते ही वाल्मीकि और दलित संगठनों में नाराजगी फैल गई।
जालंधर बाईपास पर जुटे प्रदर्शनकारी
बुधवार को अलग-अलग वाल्मीकि संगठनों के सदस्य जालंधर बाईपास चौक के पास जमा हुए। प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की और प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। उनका कहना था कि डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा से इस तरह की तोड़फोड़ को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।

NH-44 पर लगा जाम, यातायात प्रभावित
प्रदर्शन के दौरान जालंधर बाईपास पर राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के एक हिस्से को भी जाम कर दिया गया। इसका असर दिल्ली, पानीपत, जालंधर और अमृतसर की ओर जाने वाले वाहनों पर पड़ा। सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई।
लुधियाना बंद के दौरान पुलिस की तैनाती
बंद के ऐलान को देखते हुए लुधियाना के कई संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की। अधिकारियों के मुताबिक, प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने वालों की पहचान के लिए जांच की जा रही है और आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें काम कर रही हैं।
होशियारपुर में भी बंद रखकर जताया विरोध
लुधियाना के साथ होशियारपुर में भी विरोध के तौर पर बंद रखा गया। विभिन्न वाल्मीकि और दलित संगठनों ने घटना के खिलाफ एकजुटता दिखाई और दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई। संगठनों का कहना है कि यह मामला केवल एक प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे समुदाय की भावनाएं भी आहत हुई हैं।
सात घंटे का बंद शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न
विभिन्न संगठनों की ओर से बुलाया गया सात घंटे का लुधियाना बंद शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान NH-44 पर यातायात प्रभावित रहा। संगठनों ने स्पष्ट किया कि जब तक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, वे अपनी मांग उठाते रहेंगे। वहीं, पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और जल्द आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
