नए मुख्य सचिव अशोक बरनवाल का बड़ा एक्शन, मध्य प्रदेश में वरिष्ठ IAS अधिकारियों और कलेक्टरों का व्यापक तबादला

मध्य प्रदेश में नए मुख्य सचिव अशोक बरनवाल ने कार्यभार संभालते ही प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव से चर्चा के बाद कई वरिष्ठ IAS अधिकारियों और कलेक्टरों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इन बदलावों को राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
पदभार संभालते ही बड़े फैसले
मुख्य सचिव बनने के तुरंत बाद अशोक बरनवाल ने प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव किए। मुख्यमंत्री मोहन यादव की सहमति से देर रात जारी आदेशों में कई वरिष्ठ अधिकारियों के विभाग बदले गए। इन नियुक्तियों का उद्देश्य प्रमुख परियोजनाओं और विकास कार्यों को गति देना माना जा रहा है।
नीरज मंडलोई और संदीप यादव को मिली अहम जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) नीरज मंडलोई को अब ‘ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027’ के आयोजन की जिम्मेदारी के साथ उद्योग एवं MSME विभाग की कमान सौंपी गई है। वहीं राघवेंद्र सिंह को वन विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है। संदीप यादव को जल संसाधन विभाग का प्रधान सचिव नियुक्त कर ‘केन-बेतवा’ और ‘पार्वती-कालीसिंध’ जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की जिम्मेदारी दी गई है। ई. रमेश कुमार को नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (NVDA) और राजस्व विभाग की कमान सौंपी गई है।

कई वरिष्ठ अधिकारियों के विभागों में बदलाव
प्रशासनिक फेरबदल के तहत सुखवीर सिंह को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और चिकित्सा शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। सचिन सिन्हा को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का अतिरिक्त मुख्य सचिव बनाया गया है। मनीष सिंह सीनियर को ऊर्जा विभाग का प्रमुख सचिव बनाया गया, जबकि जॉन किंग्सले एआर को औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। सुदाम खाड़े को मुख्यमंत्री सचिवालय में सचिव और भास्कर लक्ष्याकर को इंदौर संभाग का नया आयुक्त बनाया गया है।
कलेक्टरों और जिला प्रशासन में भी बड़ा बदलाव
राज्य सरकार ने कई जिलों के कलेक्टरों और वरिष्ठ अधिकारियों का भी तबादला किया है। रत्नाकर झा को अनूपपुर का कलेक्टर बनाया गया है, जबकि मिशा सिंह अब शहडोल की कलेक्टर होंगी। दिव्यांक सिंह को मंदसौर का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। गुरु प्रसाद को खरगोन, शेर सिंह मीणा को आगर-मालवा का कलेक्टर बनाया गया है। वहीं हिमांशु प्रजापति को इंदौर जिला पंचायत का नया CEO नियुक्त किया गया है। प्रशासनिक सुधारों में योगदान के लिए अजय कटेसरिया को सम्मानित भी किया गया।
प्रशासनिक व्यवस्था को नई दिशा देने की कोशिश
सरकार का मानना है कि अनुभवी अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां देकर विकास परियोजनाओं, निवेश, जल संसाधन, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सुधारों को गति मिलेगी। आने वाले समय में इन बदलावों का असर राज्य की विकास योजनाओं और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर साफ दिखाई दे सकता है।
