राजनीतिराज्य

उमाशंकर सिंह के निधन पर भावुक हुईं मायावती, कहा- वह मुझे सगी बहन मानते थे

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से विधायक और बहुजन समाज पार्टी के एकमात्र विधायक उमाशंकर सिंह के निधन पर पार्टी प्रमुख मायावती ने गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उमाशंकर सिंह ने पार्टी के प्रति आजीवन निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण का परिचय दिया। उनके अनुसार, उनका जाना केवल पार्टी ही नहीं बल्कि समाज के लिए भी बड़ी क्षति है।

‘वह मुझे अपनी सगी बहन मानते थे’

मायावती ने अपने शोक संदेश में उमाशंकर सिंह के साथ व्यक्तिगत रिश्तों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उमाशंकर उन्हें अपनी सगी बहन की तरह सम्मान देते थे और हर परिस्थिति में पार्टी के साथ मजबूती से खड़े रहे। उन्होंने कहा कि राजनीतिक उतार-चढ़ाव के बावजूद उन्होंने कभी पार्टी के साथ विश्वासघात नहीं किया और अपनी निष्ठा बनाए रखी।

परिवार के प्रति जताई संवेदना

बीएसपी प्रमुख ने उमाशंकर सिंह के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनका परिवार भी बीएसपी परिवार का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि परिवार के सभी सदस्य हमेशा उन्हें बड़ी बहन का सम्मान देते रहे हैं। दुख की इस घड़ी में उन्होंने परिजनों को हिम्मत रखने की अपील की और दिवंगत नेता की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

उमाशंकर सिंह के निधन पर भावुक हुईं मायावती, कहा- वह मुझे सगी बहन मानते थे

छात्र राजनीति से विधानसभा तक का सफर

55 वर्षीय उमाशंकर सिंह ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी। वर्ष 1990-91 में वे बलिया के सतीश चंद्र कॉलेज छात्रसंघ के महामंत्री चुने गए। इसके बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा और वर्ष 2012 में पहली बार रसड़ा विधानसभा सीट से विधायक बने। 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में भी उन्होंने लगातार जीत दर्ज की। लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे उमाशंकर सिंह का दिल्ली के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया।

समर्पण और सादगी की छोड़ी पहचान

उमाशंकर सिंह को क्षेत्र में एक सहज, सरल और जनता के बीच रहने वाले नेता के रूप में जाना जाता था। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में संगठन और जनता दोनों के प्रति समान प्रतिबद्धता दिखाई। यही वजह है कि उनके निधन पर राजनीतिक दलों के साथ-साथ आम लोगों में भी शोक की लहर है।

उमाशंकर सिंह का निधन बहुजन समाज पार्टी के लिए एक बड़ी राजनीतिक और भावनात्मक क्षति है। मायावती की श्रद्धांजलि ने उनके और दिवंगत विधायक के आत्मीय रिश्ते को भी सामने रखा। अपने लंबे राजनीतिक सफर में उमाशंकर सिंह ने जिस निष्ठा और समर्पण के साथ जनता और पार्टी की सेवा की, वह लंबे समय तक याद की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button