रायसेन में 16 दिन बाद झमाझम बारिश, 9 मजदूरों का रेस्क्यू, किसानों के चेहरे खिले

मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में 16 दिनों के लंबे इंतजार के बाद हुई मूसलाधार बारिश ने जहां किसानों के चेहरों पर मुस्कान लौटा दी, वहीं कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात भी पैदा कर दिए। उफनते नालों और जलभराव के बीच होमगार्ड की टीम ने 9 मजदूरों को सुरक्षित बचाकर बड़ा राहत कार्य किया।
16 दिन बाद मेहरबान हुआ मानसून
रायसेन जिले में मंगलवार देर रात शुरू हुई तेज बारिश बुधवार सुबह तक लगातार जारी रही। लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण खेत सूखने लगे थे और धान की फसल प्रभावित हो रही थी। बारिश के बाद खेतों में फिर से पानी भर गया और किसानों को बड़ी राहत मिली।
हाईवे पर पुल धंसा, कई रास्ते बंद
लगातार बारिश के कारण भोपाल-सागर हाईवे-19 पर निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा धंस गया। डायवर्जन बह जाने से यातायात प्रभावित हुआ। जिले की कई नदियां और नाले उफान पर आ गए, जिससे कई ग्रामीण मार्गों पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया।

घोघरा नाले में फंसे 9 मजदूर
बरेली तहसील के पास घोघरा नाले का जलस्तर अचानक बढ़ने से खेतों में काम कर रहे 9 मजदूर बीच में फंस गए। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने होमगार्ड की डिजास्टर रेस्क्यू टीम (DRC) को मौके पर भेजा।
होमगार्ड ने सुरक्षित निकाले सभी मजदूर
डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट उमेश कुमार तिवारी के मार्गदर्शन में होमगार्ड की टीम ने तेज बहाव के बीच अभियान चलाकर सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बचाए गए सभी लोग छिंदवाड़ा जिले के निवासी बताए गए हैं। सुरक्षित रेस्क्यू के बाद सभी मजदूरों ने प्रशासन और होमगार्ड टीम का आभार व्यक्त किया।
किसानों के लिए बनी संजीवनी
करीब दो सप्ताह से अधिक समय तक बारिश नहीं होने के कारण धान की फसल सूखने लगी थी। अब अच्छी बारिश के बाद खेत पानी से लबालब भर गए हैं और किसानों ने दोबारा धान की रोपाई शुरू कर दी है। किसानों का कहना है कि यह बारिश उनकी फसल के लिए संजीवनी साबित होगी और अच्छी पैदावार की उम्मीद बढ़ गई है।
रायसेन में हुई मूसलाधार बारिश ने एक ओर किसानों को बड़ी राहत दी, तो दूसरी ओर जलभराव और उफनते नालों के कारण कई क्षेत्रों में मुश्किलें भी बढ़ा दीं। प्रशासन और होमगार्ड की त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया, जबकि मौसम विभाग की नजर अब आगे की बारिश पर बनी हुई है।
