मंत्री की ससुराल का बड़ा फैसला गांव में शादी की तो सामाजिक बहिष्कार, जो साथ देगा उसका भी बहिष्कार

Big Decision of Panchayat : हिसार जिले के आर्यनगर गांव में एक ही गांव के तीन जोड़ों द्वारा आपस में विवाह किए जाने का मामला सामने आने के बाद गांव की पंचायतों ने बड़ा कदम उठाया है। गांव के भाईचारे और सामाजिक मर्यादा को बनाए रखने के लिए बुलाई गई पंचायत में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि ऐसे जोड़ों को गांव से बाहर रहना होगा या गांव छोड़ना होगा। ग्रामीणों का तर्क है कि एक ही गांव या समान दायरे में इस तरह के संबंध बनने से आपसी सामाजिक ताने-बाने और भाईचारे पर प्रतिकूल असर पड़ता है। हालांकि, वयस्क नागरिकों के विवाह और संवैधानिक अधिकारों के बीच इस प्रकार के स्थानीय फैसलों को लेकर सामाजिक और कानूनी बहस भी छिड़ गई है।
आर्यनगर हरियाणा के पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर गंगवा की ससुराल है। गांव में प्रेम विवाह के खिलाफ प्रस्ताव पास किया गया है। यहां हुई समाज की बैठक में गांव में फैल रही कुरीतियों पर चर्चा की गई। बैठक में पंचायत प्रतिनिधि, सरपंच और गांव के कई गणमान्य लोग शामिल हुए।

इसी दौरान पंचायत ने फैसला लिया, अगर गांव का कोई युवक-युवती आपस में प्रेम विवाह करते हैं, तो उनका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। ऐसे शादीशुदा जोड़ों को गांव में रहने की इजाजत नहीं दी जाएगी। इसके अलावा, जो परिजन या अन्य व्यक्ति ऐसे प्रेमी जोड़ों का साथ देंगे, उनका भी सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा।
ग्रामीणों के मुताबिक, यह फैसला गांव में आपसी भाईचारा और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए लिया गया है। उनका कहना है कि गांव के ही युवक-युवती के आपस में शादी करने से परिवारों और सामाजिक रिश्तों में अक्सर विवाद पैदा होता है। गांव आर्य नगर हरियाणा के पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर गंगवा की ससुराल है। मंत्री का गांव गंगवा यहां से 6 किलोमीटर की दूरी पर है।
बैठक में सामने आया कि फिलहाल गांव में ऐसे करीब तीन मामले सामने आ चुके हैं। जिनमें गांव के ही युवक-युवती ने आपस में शादी की है। बैठक में कहा गया कि भविष्य में ऐसे मामलों की संख्या न बढ़े और युवा पहले से सावधान रहें, इसी मकसद से यह सामूहिक निर्णय लिया गया है।
बैठक में सामाजिक कुरीतियों को दूर करने, युवाओं को जागरूक करने और गांव में आपसी सौहार्द बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। पंचायत और ग्रामीणों ने कहा कि भविष्य में भी सामाजिक मुद्दों पर सर्व समाज की बैठकें होती रहेंगी।
