हरियाणा सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030-31 तक 5 लाख करोड रुपए का निवेश और 10 लाख से अधिक रोजगार सृजित करना: नायब सैनी

Haryana CM Nayab Saini : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि उनकी सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030- 31 तक 5 लाख करोड़ रुपए का नया निवेश और 10 लाख से अधिक रोजगार सृजित करना है। वह आज हरियाणा-यूके CETA ट्रेड ब्रिज अनलॉकिंग ग्लोबल अपॉर्चुनिटी फॉर हरियाणा में शिरकत करते हुए उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे।
हरियाणा को वैश्विक निवेश और वैश्विक व्यापार के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में इसे एक अहम पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है। साइबर सिटी गुरुग्राम के सेक्टर-51 स्थित ‘गुरुग्राम यूनिवर्सिटी’ में आयोजित इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हरियाणा और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच मौजूदा आर्थिक व औद्योगिक रिश्तों को और अधिक मजबूत बनाना है।
मुख्यमंत्री ने यूनाइटेड किंगडम से आए ब्रिटिश हाई कमीशन के प्रतिनिधियों, विदेशी मित्रों और साझेदारों का स्वागत करते हुए कहा कि हरियाणा की पावन और कर्म प्रधान धरती पर आपका अभिनंदन है। उन्होंने कहा कि हजारों हरियाणवी परिवारों सहित लाखों प्रवासी भारतीयों ने यूके के विकास में बड़ा योगदान दिया है। वर्ष 2047 में जब भारत अपनी आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा तब इंडिया और यूके संबंधों के भी 100 वर्ष पूरे हो रहे होंगे।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बताया कि आगामी 1 नवंबर को राज्य अपनी स्थापना के साथ गौरवशाली 60 वर्ष पूरे करने जा रहा है। इस पड़ाव पर अगले वर्ष हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर समिट 2027 का आयोजन करने जा रहे हैं। 5 से 7 अप्रैल 2027 तक हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर समिट 2027 आयोजित की जाएगी। गत 23 और 24 अगस्त को मुंबई से हैपनिंग हरियाणा 2.0 अंतरराष्ट्रीय आउटरेज कैंपेन की शुरुआत की। मुंबई में 17 कंपनियों के साथ 66 हजार करोड रुपए से अधिक के एमओयू हुए।

उन्होंने कहा कि हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 के प्रचार प्रसार के लिए देश के प्रमुख शहरों और विश्व के 9 प्रमुख आर्थिक केंद्रों में रोड शो किए जाएंगे। इनमें जापान, दक्षिण कोरिया, दाबोस, जर्मनी, यूके, ब्राजील, चिली और दुबई शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए हाल ही में विशिष्ट नीतियों लागू की गई हैं। इन नीतियों के शुभारंभ के पहले दिन ही 1 लाख 10 हजार करोड रुपए के 110 एमओयू हुए। 2019 को लागू की गई पहले एमएसएमई नीति के बाद राज्य में 15 लाख से अधिक एमएसएमई का औपचारिक पंजीकरण हुआ। हरियाणा ने गो ग्लोबल का दूरदर्शी विजन अपनाया। इंडिया यूके CETA इस दिशा में एक मील का पत्थर है। इस ऐतिहासिक समझौते से हमारे टेक्सटाइल, फुटवियर, रत्न, आभूषण और इंजीनियरिंग जैसे प्रमुख सेक्टर को यूके के बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी। विदेश सहयोग विभाग हरियाणा में व्यापार के विस्तार में आपका सहयोग करेगा।
इस कार्यक्रम में हरियाणा की उन कंपनियों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था, जो यूके में कारोबार कर रही हैं और यूके की वे कंपनियां जिनकी हरियाणा में औद्योगिक एवं व्यावसायिक मौजूदगी हैं। इसके अलावा हरियाणा के निर्यातकों, सेक्टरल एक्सपोर्ट एसोसिएशनों, औद्योगिक संगठनों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े उद्योग प्रतिनिधियों की भी भागीदारी रही। इसका उद्देश्य दोनों पक्षों को एक मंच पर लाकर व्यापार, निवेश, निर्यात और कारोबार साझेदारी की नई संभावनाओं पर सीधा संवाद स्थापित करना रहा।
