ऑल हरियाणा पेट्रोलियम डीलर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने केंद्रीय वित्त मंत्री को लिखा पत्र

MDR on UPI : केंद्र सरकार द्वारा 1 अक्टूबर से यूपीआई पेमेंट पर 0.4% एमडीआर शुल्क लगाने के फैसले का पेट्रोल पंप संचालकों ने विरोध किया है। पेट्रोल पंप संचालकों ने साफ किया है कि अगर सरकार ने इस शुल्क को वापस नहीं लिया तो वह यूपीआई पेमेंट बंद कर देंगे और ऐसे में केवल नकद भुगतान पर ही पेट्रोल और अन्य पेट्रोलियम उत्पाद मिल पाएंगे।
पेट्रोल पंप ऑपरेटर एसोसिएशन ने मांग की है कि पेट्रोल पंपों को ₹2,000 से ऊपर के UPI लेन-देन पर लगने वाले ₹5 के MDR शुल्क से पूरी तरह मुक्त रखा जाए। फ्यूल सेक्टर के लिए पहले से चली आ रही जीरो-MDR व्यवस्था को बरकरार रखा जाए और छोटे और ग्रामीण इलाकों के कम बिक्री वाले पेट्रोल पंपों पर इसका सबसे बुरा असर पड़ेगा, इसलिए उन्हें विशेष राहत दी जाए।
ऑल हरियाणा पेट्रोलियम डीलर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने केंद्र सरकार के इस फैसले का विरोध करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र भेजा है, जिसमें चेतावनी दी है कि यदि पेट्रोल पंपों को इस नियम से राहत नहीं मिली, तो पूरे हरियाणा के पेट्रोल पंपों पर कैशलेस पेमेंट की सुविधा बंद कर दी जाएगी। केवल नकद भुगतान लेकर ही तेल दिया जाएगा।
डीलर्स का कहना है कि वर्ष 2017 के बाद से तेल कंपनियों ने उनके कमीशन में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। पेट्रोल पंप को हर लीटर पर 2-3 रुपए की बचत, MDR लगा और हर बड़े यूपीआई पेमेंट पर ₹5 कटने से उनका बचा-खुचा मुनाफा खत्म हो जाएगा। उन्हें अपनी जेब से पैसे भरने पड़ेंगे।

ऑल हरियाणा पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन जिला हिसार के प्रधान राजकुमार सलेमगढ़ की माने तो हरियाणा में वर्तमान में लगभग 4,469 पेट्रोल पंप संचालित हो रहे हैं। इनमें से लगभग 2,547 पंप (57%) सिंगल-ओनर (इंडिपेंडेंट) डीलरशिप पर चलते हैं, जबकि बाकी बड़ी फ्रेंचाइजी/ब्रांड नेटवर्क का हिस्सा हैं। सबसे ज्यादा पेट्रोल पंप गुरुग्राम (232), फरीदाबाद (166) और हिसार (146) जिले में हैं।
हरियाणा एक औद्योगिकीकृत और कृषि-प्रधान राज्य होने के कारण यहां डीजल की खपत बहुत अधिक है। राज्य में रोजाना औसतन 1.2 करोड़ से 1.5 करोड़ लीटर डीजल की बिक्री होती है। राज्य में प्रतिदिन लगभग 50 लाख से 65 लाख लीटर पेट्रोल की खपत दर्ज की जाती है। रोजाना दोनों ईंधन मिलाकर लगभग 1.7 करोड़ से 2.1 करोड़ लीटर ईंधन की बिक्री होती है।
हरियाणा के पेट्रोल पंपों पर प्रतिदिन औसतन ₹150 करोड़ से ₹180 करोड़ रुपये तक का कुल कारोबार (टर्नओवर) होता है। कुल बिक्री का लगभग 60% से 70% भुगतान डिजिटल माध्यमों से प्राप्त होता है। प्रतिदिन लगभग ₹90 करोड़ से ₹120 करोड़ रुपये का लेनदेन यूपीआई के जरिए किया जाता है। राज्य में पेट्रोल पंपों पर रोजाना अनुमानित 10 लाख से 15 लाख यूपीआई ट्रांजेक्शन होते हैं, जिनमें से बड़ी गाड़ियों और फुल-टैंक पेमेंट्स के कारण एक बड़ा हिस्सा ₹2,000 से ऊपर की श्रेणी में आता है।
हिसार एसोसिएशन के प्रधान राजकुमार सलेमगढ़ ने बताया कि पेट्रोल पंप मालिक को मिलने वाला कमीशन फिक्स होता है। पंप के बिजली बिल, कर्मचारियों की सैलरी, मशीन मेंटेनेंस और इंटरनेट खर्च निकालने के बाद मालिक के पास बहुत कम शुद्ध मुनाफा बचता है। ऐसे में बिना कोई कमीशन बढ़ाए, सिर्फ यूपीआई चार्ज के रूप में हर महीने ₹15,000 सीधे कट जाना उनके शुद्ध मुनाफे में से 15% से 20% तक की बड़ी चपत लगा देता है।
