मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र में गीता ज्ञान संस्थानम् में धार्मिक, सामाजिक और व्यापारिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक

International Geeta Jayanti Mahotsav : हरियाणा के कुरुक्षेत्र में 11वें अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। गीता जयंती महोत्सव के कार्यक्रम को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी गुरुवार को गीता ज्ञान संस्थानम् में धार्मिक, सामाजिक और व्यापारिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करने के लिए पहुंचे। बैठक में महोत्सव को लेकर चर्चा की गई। इस मौके पर मुख्य रूप से महामंडलेश्वर ज्ञानानंद जी महाराज भी मौजूद थे।
इससे पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कुरुक्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनीपला में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित चित्र प्रदर्शनी, पेंटिंग एवं रंगोली का अवलोकन किया। विद्यार्थियों ने अपनी कला और रचनात्मकता के माध्यम से सामाजिक सरोकारों, सेवा भावना एवं जागरूकता के विविध संदेशों को बेहद सुंदर और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्कूल परिसर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रेरणादायी अभियान ‘एक पेड़ माँ के नाम’ के अंतर्गत आज कनीपला (कुरुक्षेत्र) में पौधारोपण कर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया। एक पौधा पर्यावरण संरक्षण के साथ आने वाली पीढ़ियों के स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की नींव भी है। मुख्यमंत्री ने उपस्थित लोगों का आह्वान किया कि वह अधिक से अधिक पौधे लगाएं और उनकी देखभाल का संकल्प लेकर इस जनअभियान को और गति दें।

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कनीपला (कुरुक्षेत्र) में मुख्यमंत्री और स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने स्कूल में बच्चों के लिए लगाई गई पानी की टंकी से पानी पीकर समता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज पानी पीते हुए अपने स्कूल के दिन याद आ गए। इन्हीं सरकारी स्कूलों से पढ़कर हमारे बच्चे Super-100 के जरिए IIT और MBBS तक पहुंच रहे हैं। कोई इंजीनियर बन रहा है, कोई डॉक्टर, तो कोई खेल के मैदान में हरियाणा और देश का नाम रोशन कर रहा है। इसी सोच के साथ हमारी सरकार सरकारी स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए ₹400 करोड़ की लागत से 150 नए स्कूल भवन बनाने का काम कर रही है।
सरकारी स्कूलों से निकलने वाला हर बच्चा अपने सपनों की ऊंची उड़ान भरे – यही हमारा संकल्प है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा एवं समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित यह अभियान पूरे प्रदेश में 17 अक्टूबर तक चलेगा। हम सभी सेवा, समर्पण और सामाजिक सहभागिता की भावना को आत्मसात करते हुए समाज एवं प्रदेश के विकास में अपना योगदान दें।
