
तमिलनाडु की TVK सरकार ने विधानसभा में अपना पहला बजट पेश करते हुए महिला कल्याण, शिक्षा, खेल, आवास और सामाजिक योजनाओं पर विशेष जोर दिया। वित्त मंत्री एन. मैरी विल्सन ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय सरकार का पहला बजट पेश किया, जिसमें महिलाओं के लिए नई योजनाओं से लेकर छात्रों को आधुनिक साइकिलें देने, हज सब्सिडी बढ़ाने और खेल सुविधाओं के विस्तार तक कई बड़े ऐलान किए गए। सरकार ने इसे सामाजिक कल्याण और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
महिलाओं और छात्रों के लिए बड़ी घोषणाएं
बजट में महिलाओं के लिए ‘सोने का सिक्का एवं रेशमी साड़ी योजना’ के लिए 812 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों को हेलमेट और पानी की बोतल के साथ आधुनिक साइकिलें उपलब्ध कराने के लिए 277 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इससे छात्रों की सुरक्षा और स्कूल पहुंचने की सुविधा दोनों में सुधार होगा।
हज सब्सिडी बढ़ी, NEET का फिर विरोध
सरकार ने पहली बार हज यात्रा पर जाने वाले लोगों के लिए दी जाने वाली सब्सिडी 25,000 रुपये से बढ़ाकर 35,000 रुपये करने का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही वित्त मंत्री ने दोहराया कि TVK सरकार NEET परीक्षा का विरोध जारी रखेगी और केंद्र सरकार से 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर मेडिकल प्रवेश की पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग की।

खेल और युवाओं के लिए विशेष योजना
युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित करने के लिए राज्यभर में 10 ओलंपिक स्पेशल सेंटर स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा 42 करोड़ रुपये की लागत से तमिलनाडु ग्रामीण खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य युवाओं को खेलों से जोड़कर नशामुक्त समाज की दिशा में काम करना है।
आवास, पर्यावरण और पारदर्शिता पर फोकस
बजट में पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और वन विभाग के लिए 1,762 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। चुनावी वादे के अनुरूप कच्चे मकानों को पक्का करने के लिए मिलने वाली सहायता राशि 3.10 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है। वीडु वेट्री योजना के तहत 3,500 करोड़ रुपये की लागत से 70,000 पक्के मकान बनाए जाएंगे। वित्त मंत्री ने टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और कथित भ्रष्टाचार पर रोक लगाने को भी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया।
विभागवार बजट आवंटन
सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के लिए 23,357 करोड़ रुपये, बिजली विभाग के लिए 15,828 करोड़ रुपये, समाज कल्याण विभाग के लिए 9,818 करोड़ रुपये, आवास एवं शहरी विकास विभाग के लिए 8,852 करोड़ रुपये, सहकारिता विभाग के लिए 8,028 करोड़ रुपये, उद्योग विभाग के लिए 4,414 करोड़ रुपये, पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन विभाग के लिए 4,880 करोड़ रुपये, MSME विभाग के लिए 2,142 करोड़ रुपये, हथकरघा एवं कपड़ा विभाग के लिए 1,678 करोड़ रुपये तथा दिव्यांगजन कल्याण विभाग के लिए 1,485 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
TVK सरकार का पहला बजट कल्याणकारी योजनाओं, शिक्षा, खेल, आवास और सामाजिक विकास पर केंद्रित नजर आता है। अब इन घोषणाओं की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि इन्हें कितनी प्रभावी और पारदर्शी तरीके से जमीन पर लागू किया जाता है। आने वाले महीनों में इन योजनाओं का असर राज्य की अर्थव्यवस्था और आम लोगों के जीवन पर देखने को मिलेगा।
