गुरुग्राम में बारिश ने खोली जल निकासी की पोल, सड़कों पर भरा पानी और लगा लंबा जाम

देर रात हुई बारिश के बाद साइबर सिटी गुरुग्राम के कई इलाकों में जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। एमजी रोड से बस स्टैंड तक सड़कें पानी में डूबी नजर आईं, जबकि जाम के कारण दफ्तर जाने वाले लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ी।
बारिश के बाद सड़कों पर पानी ही पानी
दिल्ली से सटे गुरुग्राम में मानसून के दौरान जलभराव एक बार फिर बड़ी समस्या बनकर सामने आया। देर रात हुई बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में घुटनों तक पानी भर गया। कुछ इलाकों में बारिश रुकने के बाद पानी निकल गया, लेकिन कई स्थानों पर लंबे समय तक हालात खराब रहे।
एमजी रोड पर लगा लंबा जाम
जलभराव का सबसे ज्यादा असर यातायात पर दिखाई दिया। एमजी रोड और पुलिस लाइन के सामने पानी जमा होने से वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। देखते ही देखते सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। नौकरी और जरूरी काम के लिए निकलने वाले लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में देरी हुई।
प्रेम नगर से बस स्टैंड तक खराब हाल
प्रेम नगर और जेल कॉम्प्लेक्स में जलभराव के कारण लोगों को काफी परेशानी हुई। सोहना चौक पर भी जल निकासी की व्यवस्था प्रभावी नहीं दिखी। गुरुग्राम बस स्टैंड का नजारा भी परेशान करने वाला रहा, जहां पानी के बीच बसें खड़ी नजर आईं। यात्रियों को मजबूरी में पानी से होकर बस तक पहुंचना पड़ा।

पुलिस लाइन में भी घुसा पानी
पुलिस लाइन के सामने सड़क पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस लाइन परिसर में भी जलभराव की स्थिति बनी। खासकर ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाले पुलिसकर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ा, जबकि ऊपरी मंजिलों पर रहने वालों को अपेक्षाकृत कम दिक्कत हुई।
बैठकों और खर्च के बावजूद सवाल बरकरार
गुरुग्राम में मानसून से पहले जल निकासी को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कई बैठकें होती हैं। नगर निगम, जीएमडीए और जनप्रतिनिधियों की ओर से तैयारियों के दावे भी किए जाते हैं। इसके बावजूद बारिश होते ही शहर के कई हिस्सों में पानी भर जाना इन दावों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करता है।
कब मिलेगी जलभराव से स्थायी राहत?
साइबर सिटी की पहचान आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और तेज विकास से जुड़ी है, लेकिन बारिश के दौरान जलभराव की तस्वीरें इस विकास मॉडल की कमजोरियों को सामने ला देती हैं। अब जरूरत सिर्फ बैठकों और दावों की नहीं, बल्कि ऐसी स्थायी जल निकासी व्यवस्था की है जो अगली बारिश में गुरुग्राम के लोगों को फिर सड़कों पर पानी से जूझने के लिए मजबूर न करे।
