एक आदमी दो जगह से ले रहा था पगार, मुख्यमंत्री उड़न दस्ता ने खोला राज
नूंह खेल विभाग में 8.37 लाख के घोटाले में पांच के खिलाफ मामला दर्ज
CM Flying Squad : मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की जांच के आधार पर नूंह शहर थाना में जिला खेल विभाग से जुड़े पांच लोगों के खिलाफ सरकारी धन के दुरुपयोग और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम तथा आउटसोर्सिंग के तहत अन्य विभागों में कार्यरत कर्मचारियों ने जिला खेल विभाग के अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर खेल नर्सरियां अपने नाम आवंटित करवाईं और नर्सरी कोच के रूप में वेतन प्राप्त कर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता के सत्यापन अधिकारी निरीक्षक दीनदयाल द्वारा की गई जांच में पाया गया कि उंटका निवासी मोहम्मद असफाक, जो वर्ष 2019 से शहीद हसन खान मेवाती सरकारी मेडिकल कॉलेज, नल्हड़ में एचकेआरएन के तहत हेल्पर के पद पर कार्यरत है, ने वर्ष 2024-25 में डीएवी पब्लिक स्कूल पुलिस लाइन नूंह की कबड्डी खेल नर्सरी अपने नाम आवंटित करवाई और कोच के रूप में कार्य किया।
जांच के अनुसार खेल विभाग से उसे 20 हजार रुपये प्रतिमाह के हिसाब से वेतन भी प्राप्त हुआ। इसके बाद वर्ष 2025-26 में ग्राम पंचायत सौंख की कबड्डी खेल नर्सरी भी उसके नाम आवंटित की गई, जिसकी अनुशंसा तत्कालीन अधिकारियों द्वारा किए जाने का आरोप है। जांच में यह भी सामने आया कि सौंख खेल नर्सरी में 14 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक बच्चों को प्रशिक्षण साजिद खान ने दिया, जबकि वह वर्ष 2015 से शहीद हसन खान मेवाती सरकारी मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्सिंग/एचकेआरएन के तहत लिफ्टमैन के पद पर कार्यरत है।
आरोप है कि साजिद खान को भी खेल विभाग से 20 हजार रुपये प्रतिमाह के
से वेतन दिया गया। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि मोहम्मद असफाक के कार्यकाल से संबंधित 90 हजार रुपये का वेतन साजिद खान के बैंक खाते में स्थानांतरित किया गया। सत्यापन रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि मोहम्मद असफाक ने खेल विभाग में अनुबंध के तहत संचालित वाहनों पर चालक के रूप में भी कार्य किया। इसके अतिरिक्त, उसके एचकेआरएन कर्मचारी होने की जानकारी होने के बावजूद खेलो इंडिया लघु केंद्र स्थापित करने के आवेदन के संबंध में उसके नाम का निरीक्षण कर रिपोर्ट निदेशक खेल विभाग हरियाणा, पंचकूला को भेजे जाने की बात भी सामने आई है।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता द्वारा उपलब्ध कराए गए रिकॉर्ड, दस्तावेजों और संबंधित व्यक्तियों के बयानों के आधार पर आरोप लगाया गया है कि मोहम्मद असफाक, साजिद खान, मनोज कुमार कोच एवं कार्यकारी जिला खेल अधिकारी, मनोज शर्मा जिला खेल अधिकारी तथा राममेहर उप अधीक्षक, जिला खेल अधिकारी कार्यालय ने आपसी साजिश और मिलीभगत के तहत नर्सरी कोच नियुक्तियों में अनियमितताएं कर कुल 8 लाख 37 हजार 65 रुपये सरकारी खजाने से वेतन के रूप में प्राप्त किए, जिससे सरकार के राजस्व को नुकसान पहुंचा।
इस संबंध में मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की रिपोर्ट और पुलिस अधीक्षक कार्यालय से प्राप्त पत्र के आधार पर थाना शहर नूंह में मुकदमा किया गया है। पुलिस प्रवक्ता का कहना है कि जांच के दौरान यदि अन्य साक्ष्य या किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
