
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार ने पंजाब की राजनीति को लेकर बड़ा फैसला लिया है। जेडीयू ने आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव में 45 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी के इस फैसले के बाद राज्य की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जेडीयू का दावा है कि वह पंजाब में अपने संगठन को मजबूत करते हुए स्वतंत्र रूप से चुनावी मैदान में उतरेगी।
अकेले चुनाव लड़ने की रणनीति पर काम
पंजाब जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष मालवेंद्र सिंह बेनीपाल ने कहा कि पार्टी फिलहाल अकेले चुनाव लड़ने की रणनीति पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि चुनाव अभियान का मुख्य चेहरा नीतीश कुमार होंगे। बेनीपाल के अनुसार, संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जा रहा है ताकि चुनाव में प्रभावी प्रदर्शन किया जा सके। 
पंजाब-बिहार के संबंधों का किया जिक्र
मालवेंद्र सिंह बेनीपाल ने कहा कि पंजाब और बिहार के बीच ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। उन्होंने गुरु गोविंद सिंह के 350वें प्रकाश पर्व के आयोजन का उल्लेख करते हुए दावा किया कि पंजाब के सिख समुदाय में नीतीश कुमार के प्रति सम्मान और विश्वास है। पार्टी इसी आधार पर राज्य में अपनी राजनीतिक मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
चुनावी तैयारियां हुईं तेज
पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार चुनाव निर्धारित समय से पहले भी कराए जा सकते हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में आम आदमी पार्टी, भाजपा, कांग्रेस के साथ अब जेडीयू ने भी चुनावी तैयारी तेज कर दी है। यदि जेडीयू 45 सीटों पर चुनाव लड़ती है, तो राज्य के चुनावी समीकरणों पर इसका असर देखने को मिल सकता है।
