
दिल्ली में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पारिवारिक रंजिश ने रिश्तों की सारी मर्यादाएं तोड़ दीं। एक युवक ने अपने ही जीजा को झूठे आर्म्स एक्ट केस में फंसाने के लिए उसके किराये के मकान में अवैध हथियार छिपा दिए और फिर फर्जी नाम से पुलिस को सूचना देकर उसे गिरफ्तार करा दिया। हालांकि पुलिस की गहन जांच ने पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
बहन की शादी से नाराज था आरोपी
दिल्ली पुलिस के अनुसार आरोपी मोहम्मद वसीम अपनी बहन की शादी से नाराज था। उसकी बहन ने परिवार की इच्छा के खिलाफ मोहम्मद अशरफ से विवाह किया था। इसी रंजिश में वसीम ने जीजा को जेल भिजवाने की योजना बनाई और अलग-अलग समय पर उसके किराये के मकान में तीन देसी पिस्टल छिपा दीं।
फर्जी नाम से पुलिस को दी सूचना
साजिश को अंजाम देने के लिए आरोपी ने “अर्जुन” नाम से पुलिस को फोन कर सूचना दी कि अशरफ के घर में अवैध हथियार रखे गए हैं। सूचना के आधार पर 16 जुलाई को पुलिस ने छापेमारी की, जहां एक देसी पिस्टल बरामद होने पर मोहम्मद अशरफ को आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। उस समय पुलिस को इस साजिश का कोई अंदाजा नहीं था।

पूछताछ में खुली पूरी कहानी
एफआईआर की जांच के दौरान पुलिस को कुछ तथ्य संदिग्ध लगे। इसके बाद मोहम्मद वसीम को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। शुरुआत में उसने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन लगातार पूछताछ के बाद उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि उसने ही जीजा को फंसाने के इरादे से हथियार घर में छिपाए थे और झूठी सूचना पुलिस को दी थी।
दो और पिस्टल हुईं बरामद
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस दोबारा अशरफ के घर पहुंची। मकान मालिक और अशरफ की मौजूदगी में तलाशी लेने पर दो और देसी पिस्टल बरामद हुईं। पहले से मिली एक पिस्टल को मिलाकर कुल तीन अवैध हथियार बरामद किए गए, जिन्हें आरोपी अलग-अलग समय पर वहां छिपाता रहा था।
आरोपी गिरफ्तार, हथियारों के स्रोत की जांच जारी
नई बरामदगी के बाद वेलकम थाना पुलिस ने मोहम्मद वसीम के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत नया मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने ये हथियार कहां से हासिल किए और क्या इस पूरी साजिश में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था।
यह मामला दिखाता है कि व्यक्तिगत दुश्मनी किस हद तक पहुंच सकती है। दिल्ली पुलिस की गहन जांच के कारण एक निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ रची गई साजिश का खुलासा हो सका। अब जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क और हथियारों की सप्लाई चेन की पड़ताल कर रही हैं।
