
दिल्ली में घरों को पर्यटकों के लिए Bed and Breakfast सुविधा के रूप में इस्तेमाल करने वाली करीब दो दशक पुरानी नीति अब खत्म हो गई है। सरकार का कहना है कि बदलते पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के हिसाब से नई, सुरक्षित और आसान व्यवस्था तैयार करना जरूरी है।
20 साल पुरानी नीति पर लगा ब्रेक
दिल्ली सरकार ने मौजूदा Bed and Breakfast यानी B&B Policy को समाप्त करने का फैसला किया है। विधानसभा के मानसून सत्र में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि यह नीति 2007 में लागू की गई थी और अब समय के साथ पुरानी हो चुकी थी।
उस दौर में ऑनलाइन होटल और होम-स्टे बुकिंग प्लेटफॉर्म आज की तरह आम नहीं थे। पिछले दो दशकों में पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी कारोबार का तरीका काफी बदल चुका है।
मालवीय नगर हादसे का भी जिक्र
नीति खत्म करने के पीछे सरकार ने सुरक्षा को भी अहम कारण बताया है। सिरसा ने मालवीय नगर में हुए आग हादसे का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं ने सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
सरकार अब ऐसी व्यवस्था बनाना चाहती है, जिसमें पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ सुरक्षा, जन स्वास्थ्य और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े नियमों का प्रभावी पालन भी सुनिश्चित हो।

नई नीति में क्या बदलेगा?
सरकार का कहना है कि पुरानी नीति में कई कमियां थीं और उसमें केवल संशोधन करने के बजाय पूरा ढांचा बदलना जरूरी है। नई व्यवस्था में रेगुलेशन और Ease of Doing Business के बीच संतुलन बनाने पर जोर दिया जाएगा।
मंत्री के मुताबिक, सरकार ऐसा ढांचा तैयार करना चाहती है जो लंबे समय तक प्रभावी रहे। इसका उद्देश्य B&B प्रतिष्ठानों के संचालन को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने के साथ कारोबारियों के लिए प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाना भी है।
केंद्र के नए मॉडल का अध्ययन
दिल्ली सरकार अब केंद्र सरकार की ओर से तैयार किए गए नए स्ट्रक्चर का अध्ययन कर रही है। इसके आधार पर दिल्ली की जरूरतों के मुताबिक नई नीति तैयार की जाएगी।
सरकार की योजना है कि नई नीति को अंतिम रूप देने के बाद उसे मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए पेश किया जाए। इसमें पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को बढ़ावा देने के साथ सुरक्षा और अनुपालन को प्राथमिकता दी जाएगी।
पुराने आवेदनों का क्या होगा?
नई नीति आने तक संक्रमण व्यवस्था भी लागू की गई है। पुराने सिस्टम के तहत नए रजिस्ट्रेशन और लंबित आवेदनों की प्रक्रिया रोक दी गई है।
हालांकि, रजिस्ट्रेशन, प्रमाणपत्र और शिकायतों से जुड़े मामलों को नई नीति के तहत निपटाया जाएगा। वहीं पुराने कानून के तहत शुरू की गई दंडात्मक कार्रवाई उसी कानून के प्रावधानों के अनुसार जारी रहेगी।
दिल्ली के होम-स्टे कारोबार पर असर
B&B व्यवस्था दिल्ली में पर्यटकों के लिए होटल के अलावा घर जैसी सुविधा उपलब्ध कराने का एक विकल्प रही है। नई नीति आने तक इस क्षेत्र से जुड़े लोगों को कुछ इंतजार करना होगा।
सरकार के सामने अब चुनौती ऐसी नीति बनाने की है, जो एक तरफ दिल्ली के पर्यटन और होम-स्टे कारोबार को बढ़ावा दे और दूसरी तरफ यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता न करे। नई व्यवस्था आने के बाद ही साफ होगा कि दिल्ली का B&B मॉडल किस नए रूप में सामने आता है।
