
बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। इस बीच RJD नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने केंद्र और राज्य सरकार की राहत व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बाढ़ से लोगों को भारी नुकसान हो रहा है, लेकिन सरकार प्रभावित परिवारों की समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों के लिए तत्काल विशेष आर्थिक पैकेज देने की मांग की है।
‘बाढ़ पीड़ितों को तत्काल मिले स्पेशल पैकेज’
तेजस्वी यादव ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए सरकार को तुरंत विशेष पैकेज जारी करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि बिहार का राजकीय खजाना खाली है और राज्य सरकार अपने संसाधनों से प्रभावित लोगों की पर्याप्त मदद नहीं कर पा रही है।
उन्होंने केंद्र सरकार से भी बिहार के लिए विशेष आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि बाढ़ से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत दी जा सके।
प्रभावित इलाकों में जाकर लोगों से मिल रहे तेजस्वी
RJD नेता ने कहा कि वह लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं और वहां लोगों से मुलाकात कर रहे हैं। उनके मुताबिक, कई इलाकों में बाढ़ पीड़ितों को जरूरी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।

उन्होंने दावा किया कि बाढ़ के कारण लोगों के घर, फसल और दूसरी संपत्तियों को नुकसान पहुंच रहा है। तेजस्वी का आरोप है कि प्रभावित परिवारों तक सरकार की ओर से पर्याप्त राहत नहीं पहुंच रही।
15 जिलों में 47 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित
अधिकारियों के अनुसार बिहार के 15 जिलों में बाढ़ का असर है। इनमें पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया शामिल हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इन जिलों में 47.33 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। बड़ी आबादी के प्रभावित होने के कारण राहत और पुनर्वास की चुनौती भी बढ़ गई है।
PM मोदी को पत्र लिखकर मांगे थे 5 हजार करोड़
तेजस्वी यादव इससे पहले भी बिहार की बाढ़ को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख चुके हैं। उन्होंने केंद्र से 5,000 करोड़ रुपये के विशेष बाढ़ राहत पैकेज की मांग की थी।
इसके साथ ही उन्होंने बिहार की बाढ़ को ‘राष्ट्रीय आपदा’ घोषित करने का आग्रह भी केंद्र सरकार से किया था। उनका कहना है कि राज्य में बाढ़ से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है और इसके लिए केंद्र की ओर से विशेष सहायता जरूरी है।
‘लोग पहचान गए चाल और चरित्र’
तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार पर बिहार के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए सवाल किया कि राज्य को विशेष पैकेज क्यों नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बिहार के लोग अब सरकार की ‘चाल और चरित्र’ को पहचान चुके हैं। तेजस्वी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और सहायता को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो रही है।
राहत के साथ सियासत भी तेज
बिहार में बाढ़ का संकट जहां प्रशासन के सामने राहत और बचाव की चुनौती बढ़ा रहा है, वहीं राजनीतिक दल भी इसे लेकर सरकार को घेर रहे हैं। तेजस्वी यादव लगातार प्रभावित क्षेत्रों और राहत व्यवस्था को मुद्दा बना रहे हैं।
अब निगाहें इस बात पर हैं कि केंद्र और राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए अतिरिक्त आर्थिक सहायता को लेकर क्या कदम उठाती हैं। लाखों लोगों के प्रभावित होने के बीच राहत की गति और पहुंच ही इस समय सबसे बड़ी कसौटी है।
