राज्य

बिजली कर्मचारी और विधायक हुए आमने-सामने

दो जेई के ट्रांसफर मामले ने पकड़ा तूल

Bijli JE Transfer : कैथल जिले में बिजली निगम के दो JE के ट्रांसफर मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में विधायक और कर्मचारी आमने-सामने आ गए हैं। एक ओर जहां कर्मचारी ट्रांसफर रद्द करवाने पर अड़े हुए हैं वहीं विधायक सतपाल जांबा ने कहा है कि अगर इन दोनों जेई ने नई जगह ज्वाइन नहीं किया तो ये सस्पेंड भी होंगे और टर्मिनेट भी।

करीब 10 दिन पहले गांव बरसाना में पानी की निकासी के लिए करीब 90 लाख रुपए का प्रोजेक्ट शुरू किया गया। इस दौरान निकासी के प्रोजेक्ट में बिजली के पोल बीच में आ रहे थे। निगम के जेई सुनील कुमार और नरेश को जब इस कार्य के बारे में पता चला तो उन्होंने ग्रामीणों को कहा कि ये पोल विभाग के नियमों और शर्तों के अनुसार ही यहां से हटाए जा सकते हैं। वे आनन फानन में कोई कार्रवाई नहीं कर सकते।

ग्रामीणों ने इसकी शिकायत पूंडरी विधायक सतपाल जांबा को कर दी। ग्रामीणों की शिकायत पर विधायक ने सीएम से बातचीत कर दोनों जूनियर इंजीनियरों नरेश कुमार और सुनील का 24 सितंबर को कैथल से कुरुक्षेत्र और पंचकूला में ट्रांसफर करवा दिया। दोनों को कैथल जिले से रिलीव कर दिया गया है, लेकिन उन्होंने ट्रांसफर किए गए स्थानों पर ज्वाइनिंग नहीं की है। वे एचएसईबी वर्कर यूनियन के बैनर तले निगम कार्यालय में धरने पर बैठ गए हैं। जेई नरेश कुमार, सुनील कुमार और संगठन के अन्य कर्मचारियों का कहना है कि विधायक जांबा ने जबरन उनका तबादला करवाया है। वे ड्यूटी जॉइन नहीं करेंगे और इस ट्रांसफर ऑर्डर को रद्द करवाएंगे।

उधर, इस मामले को लेकर पूंडरी विधायक सतपाल जांबा ने कहा कि इस संबंध में उनके पास किसानों की शिकायतें आ रही थी। जेई तानाशाही कर रहे हैं, लेकिन तानाशाही नहीं चलेगी। मैं उनके खिलाफ एक्शन लूंगा। उनको रिक्वेस्ट के साथ बिजली पोल हटाने बारे कहा गया था, लेकिन बाद में जब एक्शन हुआ तो पोल हटाए गए। अगर जल्द ही दोनों जेई ने ट्रांसफर किए गए स्थानों पर जॉइनिंग नहीं की तो वे दोनों सस्पेंड भी होंगे। इस बारे में उनकी सीएम से बातचीत हुई है।

उन्होंने कहा कि गांव बरसाना में 90 लाख रुपए से निकासी का काम चल रहा है। अधिकारी इस विकास कार्य में बाधा बन रहे बिजली के पोलों को हटाने से मना कर रहे थे। ऐसे ही बात गांव भाना में सामने आई, वहां भी अधिकारियों ने ऐसा ही किया। अगर जेई समस्याओं का समाधान नहीं करेंगे, तो उनको सस्पेंड किया जाएगा।

दोनों जेई ने इसे रंजिशन में किया गया ट्रांसफर बताया और जिस जगह तबादला किया गया, वहां जाइन करने से इनकार कर दिया। विवाद बढ़ा तो बिजली निगम के अन्य कर्मचारी भी इस विवाद में कूद पड़े और धरना शुरू कर दिया। उन्होंने चेतावनी दे डाली कि जब तक दोनों जूनियर इंजीनियरों के ट्रांसफर ऑर्डर रद्द नहीं किए जाएंगे, वे धरना खत्म नहीं करेंगे। जरूरत पड़ी तो वे पूरे जिले के कर्मचारियों को साथ लेकर आंदोलन करेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button