
E20 ईंधन नीति के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन सौंपने के लिए प्रस्तावित मार्च से पहले आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी दो लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन प्रधानमंत्री को सौंपना चाहती है और उम्मीद है कि उन्हें मिलने से नहीं रोका जाएगा।
प्रधानमंत्री आवास जाने से पहले क्या बोले केजरीवाल?
मार्च से पहले मीडिया से बातचीत में अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि देश में E20 ईंधन नीति लागू करने के पीछे बाहरी दबाव है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी दो लाख लोगों के समर्थन वाला ज्ञापन लेकर प्रधानमंत्री से मिलने जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस शांतिपूर्ण प्रयास को नहीं रोका जाएगा। यह उनके राजनीतिक आरोप हैं।
E20 नीति को लेकर सरकार से जवाब की मांग
आम आदमी पार्टी का कहना है कि वह E20 ईंधन नीति से जुड़े विभिन्न सवालों पर सरकार से स्पष्टीकरण चाहती है। पार्टी का दावा है कि इस मुद्दे को लेकर बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी चिंता व्यक्त की है, जिसे प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

सौरभ भारद्वाज ने भी रखी पार्टी की बात
आम आदमी पार्टी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि लाखों लोगों ने इस विषय पर पत्र लिखे हैं। उनके अनुसार, केवल 100 प्रतिनिधि प्रधानमंत्री से मिलने जाएंगे और उम्मीद है कि उन्हें मिलने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह एक शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक पहल है और इसके लिए किसी विशेष सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए।
राजनीतिक माहौल हुआ गर्म
E20 ईंधन नीति को लेकर आम आदमी पार्टी लगातार केंद्र सरकार पर सवाल उठा रही है। दूसरी ओर सरकार की ओर से इस नीति को लेकर समय-समय पर इसके संभावित लाभों का पक्ष रखा गया है। ऐसे में प्रधानमंत्री आवास तक प्रस्तावित मार्च और उससे जुड़े घटनाक्रम पर राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है।
आगे क्या?
अब यह देखना होगा कि आम आदमी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचकर ज्ञापन सौंप पाता है या नहीं। साथ ही इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है या नहीं, इस पर भी सभी की नजरें रहेंगी।
