
बिहार की राजधानी पटना की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी को 30 साल बाद हार का सामना करना पड़ा है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने इस सीट पर जीत दर्ज की, जिसके बाद हार के कारणों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच मोकामा से विधायक अनंत सिंह ने एनडीए की हार को लेकर बड़ा दावा किया है।
अनंत सिंह ने क्या कहा?
मोकामा विधायक अनंत सिंह का कहना है कि मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार को हटाने का फैसला एनडीए के लिए नुकसानदायक साबित हुआ। उनके अनुसार, जब तक नीतीश कुमार मुख्यमंत्री थे, तब तक गठबंधन को महिलाओं का व्यापक समर्थन मिलता था।
जनता की नाराजगी का किया दावा
अनंत सिंह ने दावा किया कि जनता ने जिस नेतृत्व को चुनकर सत्ता में भेजा था, उसके स्थान पर किसी अन्य नेता के मुख्यमंत्री बनने से मतदाताओं में असंतोष पैदा हुआ। उनके मुताबिक, यही नाराजगी उपचुनाव के नतीजों में भी दिखाई दी। यह अनंत सिंह का राजनीतिक दावा है।

30 साल बाद बदला बांकीपुर का राजनीतिक समीकरण
बांकीपुर विधानसभा सीट वर्ष 1995 से भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है। इस बार उपचुनाव में जन सुराज के प्रशांत किशोर ने भाजपा उम्मीदवार को हराकर सीट अपने नाम कर ली। इस नतीजे को बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
हार के कारणों पर जारी है बहस
बांकीपुर उपचुनाव के परिणाम के बाद अलग-अलग राजनीतिक दल और विश्लेषक हार और जीत के अलग-अलग कारण बता रहे हैं। कुछ लोग स्थानीय मुद्दों, उम्मीदवार चयन और चुनावी रणनीति को जिम्मेदार मान रहे हैं, जबकि कुछ नेताओं का मानना है कि नेतृत्व से जुड़े फैसलों का भी असर चुनाव परिणाम पर पड़ा।
बीजेपी की ओर से नहीं आई प्रतिक्रिया
अनंत सिंह के इस दावे पर भारतीय जनता पार्टी या एनडीए की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में उनके बयान को एक राजनीतिक टिप्पणी के तौर पर देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में पार्टी की समीक्षा बैठकों और नेताओं के बयानों से उपचुनाव परिणामों पर और तस्वीर साफ हो सकती है।
