
Ranjeet Singh Chautala : पूर्व उप प्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल के बेटे तथा प्रदेश के पूर्व ऊर्जा मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने साफ कहा है कि देश की राजनीति अब द्विदलीय प्रणाली की ओर बढ़ गई है। ऐसे में देश और प्रदेश में क्षेत्रीय दलों का कोई भविष्य नहीं है।
भिवानी में एक निजी कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आए रणजीत सिंह चौटाला ने साफ कहा कि चौधरी ओमप्रकाश चौटाला के निधन के समय आम जनता और समर्थकों की राय थी की चौधरी देवीलाल के परिवार को एक मंच पर आना चाहिए। वह खुद इसके पक्षधर में थे। उन्होंने इसके लिए प्रयास भी किया और अजय चौटाला इसके लिए तैयार भी हो गए थे लेकिन अभय चौटाला ने अनावश्यक और उल्टी बयान बाजी शुरू कर दी जिस कारण यह प्रयास सफल नहीं हो सका।
रणजीत सिंह चौटाला ने कहा कि वह कोई नई क्षेत्रीय पार्टी नहीं बनाएंगे, क्योंकि अब देश की राजनीति टू-पार्टी सिस्टम (कांग्रेस या भाजपा) की ओर बढ़ चुकी है। क्षेत्रीय दलों का दौर अब लगभग समाप्त हो गया है। उन्होंने इस बात को लेकर अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं कि वह आने वाले समय में कांग्रेस की राजनीति करेंगे या भाजपा की। बता दें कि रणजीत सिंह चौटाला कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों में काम कर चुके हैं। 1987 के चुनाव में वह चौधरी देवीलाल के नेतृत्व में चुनाव जीते थे और मंत्री बने थे।

चुनावी राजनीति में भागीदारी को लेकर रणजीत चौटाला ने कहा कि समय और परिस्थितियों के हिसाब से निर्णय लिया जाएगा। यदि लोकसभा चुनाव लड़ना हुआ तो वह हिसार से ही चुनाव लड़ेंगे। विधानसभा चुनाव लड़ने की स्थिति में सिरसा जिले की सीटें जैसे कालांवाली, ऐलनाबाद, डबवाली या रानियां उनके विकल्प हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति में किसी भी नेता को सीटें या सम्मान उसकी जमीनी ताकत और वोट बैंक के आधार पर ही मिलता है।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए रणजीत ने कहा कि पार्टी का इतिहास कई बार टूटने का रहा है और हरियाणा में आज भी भयंकर गुटबाजी है। उन्होंने सिरसा और अन्य सीटों का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस के भीतर टांग खिंचाई का कल्चर बहुत ज्यादा है, जहां एक नेता दूसरे के प्रत्याशी को हराने में लग जाता है। वहीं भाजपा के संगठन को मजबूत बताते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा में नियमित बैठकें और अनुशासन होता है, जो उन्हें अन्य दलों से अलग बनाता है।
हरियाणा में बढ़ते अपराध और व्यापारियों से रंगदारी मांगे जाने के मुद्दों पर रणजीत चौटाला ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की पहली जिम्मेदारी है। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सैनी को सलाह दी कि जैसे उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सख्ती से काम कर रहे हैं, वैसे ही हरियाणा में भी अपराधियों और गुंडागर्दी पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।