बिहार बाढ़ राहत के लिए CM सम्राट चौधरी ने दान की एक महीने की सैलरी, नितिन नबीन ने दिए ₹6.35 लाख

बिहार में बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री राहत कोष में अपने एक महीने के वेतन के रूप में 2.70 लाख रुपये दान किए हैं। इससे पहले बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन भी तीन महीने की सैलरी के बराबर 6.35 लाख रुपये राहत कोष में दे चुके हैं।
CM सम्राट चौधरी ने सौंपा ₹2.70 लाख का चेक
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष में 2 लाख 70 हजार रुपये का चेक दिया। उन्होंने लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ में मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह को यह चेक सौंपा। मुख्यमंत्री ने राज्य के सक्षम और समृद्ध लोगों से भी राहत कोष में सहयोग करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष आपदा और संकट की स्थिति में जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उनके मुताबिक, सामाजिक भागीदारी बढ़ने से राहत कार्यों को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
नितिन नबीन ने भी दान की तीन महीने की सैलरी
इससे पहले बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद नितिन नबीन ने बिहार में बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए 6.35 लाख रुपये, यानी तीन महीने के वेतन के बराबर राशि, मुख्यमंत्री राहत कोष में देने की जानकारी दी थी।
नितिन नबीन ने बाढ़ की स्थिति पर कहा था कि सरकार प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने राहत शिविरों, सामुदायिक रसोई, चिकित्सा सुविधाओं और पशुओं के चारे की व्यवस्था का भी उल्लेख किया।
15 जिलों में लाखों लोग प्रभावित
बिहार में हालिया बाढ़ से 15 जिलों में करीब 50 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया शामिल हैं।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी हैं। NDRF और SDRF की टीमें भी तैनात हैं।

प्रभावित परिवारों को ₹7 हजार की सहायता
बिहार सरकार ने बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता भी दी है। मुख्यमंत्री सचिवालय के मुताबिक, 8,27,472 प्रभावित परिवारों के खातों में 7-7 हजार रुपये की दर से कुल 579.23 करोड़ रुपये DBT के जरिए भेजे गए।
सरकार के अनुसार, जिन पात्र परिवारों को सहायता नहीं मिल पाई है, उन्हें भी सूची में शामिल करने की प्रक्रिया जारी है।
माटी-पूर्वांचल महोत्सव में पहुंचे CM
इसी बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शनिवार को ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित 9वें माटी-पूर्वांचल महोत्सव में भी शामिल हुए। कार्यक्रम में उन्होंने बिहार और उत्तर प्रदेश की साझा सांस्कृतिक विरासत, भाषाओं, कला, साहित्य और सामाजिक योगदान का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में बज्जिका, मगही, मैथिली, भोजपुरी और अंगिका जैसी भाषाएं राज्य की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाती हैं। उन्होंने पूर्वांचल को बिहार और उत्तर प्रदेश दोनों के संदर्भ में देखने की बात कही।
कई हस्तियों को किया गया सम्मानित
माटी संस्था की ओर से आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाली हस्तियों को सम्मानित किया गया। इनमें पद्मश्री लोक गायिका मालिनी अवस्थी, पूर्व क्रिकेटर सैयद सबा करीम, श्वेता सिंह, बैंक ऑफ बड़ौदा के एमडी ब्रजेश कुमार सिंह, पटना हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह, चिकित्सक डॉ. राजीव रंजन, शशांक कुमार और फुटबॉल खिलाड़ी मधु कुमारी शामिल रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजनों के जरिए बिहार के इतिहास, संस्कृति और विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जाना चाहिए।
बिहार में बाढ़ राहत के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और नितिन नबीन की ओर से मुख्यमंत्री राहत कोष में वेतन का योगदान सामने आया है। वहीं, सरकार की ओर से प्रभावित परिवारों को सीधे आर्थिक सहायता देने और राहत-बचाव व्यवस्था जारी रखने की जानकारी दी गई है। राज्य में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर प्रशासन की निगरानी भी जारी है।