
पंजाब में फार्मासिस्ट ऑफिसर भर्ती परीक्षा में कथित हाई-टेक नकल और पेपर लीक के आरोपों के बाद सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने छात्र आंदोलन में शामिल होने का ऐलान किया है, जबकि बीजेपी, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
छात्र आंदोलन में शामिल होंगे चरणजीत सिंह चन्नी
जालंधर से कांग्रेस सांसद और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि वह 29 जुलाई को फरीदकोट जाएंगे और पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में शामिल होंगे।
उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि अब जवाबदेही तय करने और सभी अभ्यर्थियों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने का समय है। चन्नी ने बताया कि वह बुधवार सुबह 11 बजे फरीदकोट पहुंचेंगे।
विपक्ष ने सरकार को घेरा
भर्ती परीक्षा विवाद को लेकर पंजाब में विपक्ष लगातार आम आदमी पार्टी सरकार पर हमलावर है। बीजेपी, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल (SAD) शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
इसके अलावा पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने भी भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं। संसद के मानसून सत्र के दौरान भी बीजेपी सांसदों और शिरोमणि अकाली दल ने इस मुद्दे को उठाया।

क्या है पूरा मामला?
19 जुलाई 2026 को 454 फार्मेसी ऑफिसर पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। यह परीक्षा बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BFUHS) द्वारा कराई गई थी।
परीक्षा के दौरान कुछ अभ्यर्थियों के कथित रूप से इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद से नकल करते पकड़े जाने की खबरें सामने आईं। इसके बाद परीक्षा में कथित हाई-टेक चीटिंग और पेपर लीक के आरोप लगने लगे, जिससे छात्रों में नाराजगी बढ़ गई।
छात्रों की क्या मांग है?
छात्र संगठन फरीदकोट स्थित BFUHS के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी राज्य सरकार से सख्त एंटी-पेपर लीक कानून बनाने और ऐसी परीक्षा प्रणाली लागू करने की मांग कर रहे हैं, जिससे भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके।
AAP ने आरोपों से किया इनकार
आम आदमी पार्टी ने पेपर लीक के आरोपों को खारिज किया है। पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री भगवंत मान और वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने कहा है कि पंजाब में पेपर लीक नहीं हुआ।
मुख्यमंत्री भगवंत मान का कहना है कि परीक्षा के दौरान ब्लूटूथ के जरिए कथित नकल का मामला सामने आते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और आरोपियों को गिरफ्तार किया। उन्होंने विपक्ष पर इस मुद्दे का राजनीतिक लाभ उठाने का आरोप भी लगाया।
फार्मासिस्ट भर्ती परीक्षा विवाद अब प्रशासनिक मुद्दे से आगे बढ़कर राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। एक ओर छात्र निष्पक्ष जांच और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग कर रहे हैं, वहीं विपक्ष सरकार पर सवाल उठा रहा है। दूसरी ओर, राज्य सरकार पेपर लीक के आरोपों से इनकार करते हुए कार्रवाई का दावा कर रही है। मामले की जांच और आगे की सरकारी कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।
