15 दिन पहले छोड़ी आईएएस की नौकरी, दिव्या मित्तल की घोषणा से यूपी की राजनीति गर्माई

Divya Mittal IAS : पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल ने राजनीति में प्रवेश की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि वह उत्तर प्रदेश से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करेंगी और किसी पार्टी के बजाय अकेले चलेंगी। दिव्या मित्तल हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली हैं। उनके ताजा वीडियो संदेश ने संकेत दिए हैं कि वह किसी स्थापित राजनीतिक दल का हिस्सा बनने के बजाय अपनी अलग राजनीतिक राह बनाने का फैसला किया है। उत्तर प्रदेश से इस नई राजनीतिक पारी की शुरुआत करेंगी।
2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त को पारिवारिक वजहें बताते हुए प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद केंद्र सरकार ने उसे स्वीकार कर लिया था। इसके बाद से ही उनके अगले कदम को लेकर कई तरह के क़यास लगाए जा रहे थे। लेकिन, अब दिव्या मित्तल ने तमाम अटकलों को विराम दे दिया है।
10 मिनट के जारी वीडियो संदेश में दिव्या मित्तल ने कई सवाल भी किए। दिव्या ने सिस्टम की खामियों और लोगों की परेशानियों का जिक्र करते हुए उनके जवाब तलाशने की बात की। दिव्या ने अपने प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान राजस्व विभाग में विशेष सचिव रहते हुए एक भूमिहीन व्यक्ति से जुड़ा मामला साझा किया।

उन्होंने कहा कि व्यक्ति सरकारी जमीन का पट्टा मिलने के बावजूद कब्जा नहीं मिलने की शिकायत लेकर उनके पास आया था। उनके अनुसार, दस्तावेज देखने पर संबंधित रिपोर्ट गलत पाई गई और अधिकारी से बात करने के बाद रिपोर्ट वापस कराई गई तथा कार्रवाई भी हुई। हालांकि, जमीन पर कब्जा दिलाने के मामले में उन्हें कथित तौर पर यह जवाब मिला कि ‘ऊपर से मना किया गया है।’ उन्होंने सवाल किया, यह ऊपर कौन है? संविधान तो कहता है कि सबसे ऊपर लोग हैं। तो उसे न्याय के लिए इधर-उधर क्यों भटकना पड़ रहा है? उनका यह सवाल सीधे-सीधे सिस्टम पर है।
जिस तरह का दिव्या मित्तल का वीडियो में तेवर नजर आया। उससे साफ है कि वे सत्ताधारी दल के खिलाफ सिस्टम को जगाने के लिए मैदान में हैं। ऐसे में विपक्ष के साथ जाने या निर्दलीय उतरने का ही विकल्प उनके पास है, हालांकि अभी उन्होंने सारे पत्ते नहीं खोले हैं। उन्होंने अपना मोबाइल नंबर जारी कर लोगों सें जुड़ने की अपील की। साफ है कि वे डिजिटल के दौर में संवाद और लोगों से सीधे जुड़ने की कोशिश करेंगी।
दिव्या ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक वीडियो के जरिए कई बातें साफ कीं। राजनीति किस दल से करेंगी इसका तो ऐलान नहीं किया लेकिन भाजपा वालों पर हमलावर दिखाई दीं। यह भी कहा कि किसी से डरूंगी नहीं। आईएएस से इस्तीफा देने के बाद राहुल गांधी से मुलाकात को लेकर हुई चर्चा का भी जवाब दिया है।
कई जिलों में संतकबीरनगर, मिर्जापुर और देवरिया में डीएम रहीं दिव्या मित्तल ने पिछले महीने आईएएस से इस्तीफा दिया था। उन्हें कुछ महीने पहले देवरिया के डीएम से हटाकर राजस्व परिषद में सचिव बना दिया गया था। उनके इस्तीफे के पीछे इसे ही एक बड़ा कारण माना गया था। कहा गया था कि वह फिल्ड में ही रहकर कुछ नया करना चाहती थीं।
उन्होंने कहा कि एक बार मैं लहरिया देह (मिर्जापुर का एक गांव) की पहाड़ी पे पानी पहुंचाने के लिए निरीक्षण कर रही थी। तभी एक औरत मेरी तरफ आने लगी। मुझे लगा उसे कुछ चाहिए होगा शायद पेंशन या पक्का मकान। आकर मुझसे बोली कि मैडम आपसे कुछ मांगना है और उसने जो मांगा उससे मेरा सर शर्म से झुक गया। उसने कहा मैडम हमारे गांव में स्कूल केवल पांचवी कक्षा तक है और उसके बाद जंगल और पहाड़ के बीच में बच्चों की पढ़ाई का अंत हो जाता है। मुझे आगे की कक्षा तक अपने गांव में स्कूल चाहिए। उस वक्त तक उस महिला के घर में पानी नहीं था और उसने स्कूल मांगा। मैंने नियम देखे स्कूल स्वीकृत किया और आज 3 साल हो जाने के बाद वो स्कूल बनना शुरू नहीं हुआ। अब मुझे बताइए कि क्या नहीं था? पैसा नहीं था, नियम नहीं था, स्वीकृति नहीं थी? था तो बस इरादा नहीं था। अगर इरादा होता तो पहाड़ भी रास्ता दे देता और इरादा नहीं था तो एक फाइल ही पहाड़ बन गई। मुझे उन गायब स्कूलों का हिसाब चाहिए।”
