खेलराज्य

रोहतास का कैथी गांव बना वॉलीबॉल की नई पहचान, 18 बेटियों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया बिहार का मान

बिहार के रोहतास जिले का छोटा-सा कैथी गांव बेटियों की मेहनत और खेल प्रतिभा के कारण पूरे राज्य में मिसाल बन गया है। करीब ढाई से तीन हजार की आबादी वाले इस गांव की 18 बेटियों ने वॉलीबॉल में ऐसी सफलता हासिल की है कि अब कैथी को वॉलीबॉल की नई नर्सरी कहा जाने लगा है। सीमित संसाधनों के बावजूद इन खिलाड़ियों ने साबित कर दिया है कि मजबूत इरादे और सही मार्गदर्शन के दम पर गांव की बेटियां भी राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना सकती हैं।

18 खिलाड़ियों ने बढ़ाया गांव का गौरव

कैथी गांव की 16 बेटियां राज्य स्तर पर और 5 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर बिहार का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। लगातार मिल रही इन सफलताओं ने न केवल गांव बल्कि पूरे रोहतास जिले का नाम रोशन किया है। इन उपलब्धियों ने यह भी साबित किया है कि खेल प्रतिभा केवल बड़े शहरों और आधुनिक सुविधाओं तक सीमित नहीं है।

राष्ट्रीय कार्यक्रम में भी मिला सम्मान

गांव की दो प्रतिभाशाली खिलाड़ी काजल और सलोनी का चयन भारत सरकार के नेशनल स्कूल कनेक्ट प्रोग्राम ‘YES PE’ के लिए हुआ। इस कार्यक्रम में प्रत्येक राज्य से केवल दो छात्राओं का चयन किया गया था और बिहार से चुनी गई दोनों खिलाड़ी इसी गांव की हैं। इसके अलावा प्रीति कुमारी, पिंकी कुमारी और अर्चना कुमारी ने इस वर्ष आयोजित सब जूनियर नेशनल वॉलीबॉल प्रतियोगिता में बिहार का प्रतिनिधित्व कर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

रोहतास का कैथी गांव बना वॉलीबॉल की नई पहचान, 18 बेटियों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया बिहार का मान

रोज 4 किलोमीटर का सफर, फिर दो घंटे का अभ्यास

इन खिलाड़ियों की सफलता आसान नहीं रही। गांव में बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण सभी खिलाड़ी रोज सुबह पांच बजे उठकर लगभग चार किलोमीटर दूर संझौली खेल मैदान पहुंचती हैं। वहां करीब दो घंटे तक नियमित अभ्यास करने के बाद वे स्कूल जाती हैं। यही अनुशासन, मेहनत और निरंतर अभ्यास उनकी सफलता की सबसे बड़ी ताकत बना है।

कोच अंकित कुमार सिंह ने संवारी प्रतिभाएं

इन बेटियों की सफलता के पीछे उच्च माध्यमिक विद्यालय कैथी के शारीरिक शिक्षक एवं प्रशिक्षक अंकित कुमार सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वे बिहार सब जूनियर वॉलीबॉल टीम के कोच भी हैं और स्वयं राष्ट्रीय स्तर पर बिहार का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। स्कूल समय के अलावा भी वे खिलाड़ियों को अतिरिक्त समय देकर प्रशिक्षण देते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने गांव की बेटियों की प्रतिभा को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दिया और राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का आत्मविश्वास जगाया।

जिला प्रशासन ने दिया हरसंभव सहयोग का भरोसा

रोहतास के जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा ने खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि जिला प्रशासन इन प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग करेगा। उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है ताकि वे भविष्य में राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बिहार और देश का नाम रोशन कर सकें।

कैथी गांव की बेटियों की सफलता यह साबित करती है कि यदि प्रतिभा को सही प्रशिक्षण, अनुशासन और प्रोत्साहन मिले तो छोटे गांव भी खेलों की बड़ी पहचान बन सकते हैं। इन युवा खिलाड़ियों की उपलब्धियां न केवल रोहतास बल्कि पूरे बिहार के लिए प्रेरणा हैं और आने वाली पीढ़ी को बड़े सपने देखने का हौसला देती हैं।

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