राम मंदिर ट्रस्ट की आज अहम बैठक, नए महासचिव पर हो सकता है फैसला

अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आज होने वाली बैठक पर सभी की नजरें टिकी हैं। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले के बाद यह ट्रस्ट की दूसरी महत्वपूर्ण बैठक है, जिसमें नए महासचिव के चयन से लेकर ट्रस्ट के खाली पदों और प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।
नए महासचिव के नाम पर लग सकती है मुहर
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले के बाद पूर्व महासचिव चंपत राय के इस्तीफे के पश्चात यह पहली नियमित बैठक है, जिसमें नए महासचिव के नाम पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है। इससे पहले 6 जुलाई को हुई बैठक में कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अब ट्रस्ट स्थायी महासचिव के चयन पर निर्णय ले सकता है।
ट्रस्ट में खाली हैं तीन महत्वपूर्ण पद
जानकारी के अनुसार, श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के 11 स्थायी सदस्यों में से फिलहाल तीन पद रिक्त हैं। अयोध्या राजपरिवार के राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के निधन, चंपत राय के इस्तीफे और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के पद छोड़ने के बाद ये स्थान खाली हुए हैं। ट्रस्ट डीड के अनुसार, बहुमत के आधार पर नए सदस्यों का चयन किया जा सकता है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार निर्मोही अखाड़े के लिए आरक्षित सीट यथावत रहेगी। सूत्रों के मुताबिक, दिवंगत राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के पुत्र यतीन्द्र मिश्रा को ट्रस्ट में शामिल किए जाने की संभावना है।

समितियों के गठन और कार्य विभाजन पर भी होगी चर्चा
बैठक में मंदिर के संचालन को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए विभिन्न समितियों के गठन पर भी विचार किया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, वित्त, पूजा व्यवस्था, चढ़ावे की गिनती और दर्शन पास व्यवस्था जैसे कार्यों के लिए अलग-अलग समितियां बनाई जा सकती हैं। पहले एजेंडे में चढ़ावा चोरी मामले की एसआईटी रिपोर्ट पर चर्चा भी प्रस्तावित थी, लेकिन मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने के कारण इस विषय पर चर्चा होने की संभावना कम बताई जा रही है।
सीईओ चयन प्रक्रिया पर भी हो सकती है चर्चा
बैठक में राम मंदिर के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी चर्चा संभव है। इस पद के लिए 5,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। चयन समिति पहले आवेदनों की जांच कर रही है, जिसके बाद उम्मीदवारों के इंटरव्यू होंगे। अंतिम चरण में तीन नाम ट्रस्ट के समक्ष रखे जाएंगे, जिनमें से एक का चयन किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, 15 अगस्त तक नए CEO के नाम पर अंतिम फैसला हो सकता है।
राम मंदिर ट्रस्ट की यह बैठक प्रशासनिक और संगठनात्मक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नए महासचिव, ट्रस्टियों की नियुक्ति, समितियों के गठन और CEO चयन प्रक्रिया को लेकर लिए जाने वाले फैसले आने वाले समय में राम मंदिर के संचालन और प्रबंधन की दिशा तय कर सकते हैं।
