झज्जर में हरियाली अभियान की शुरुआत, 82 हजार पौधे लगाए जाएंगे; 2 लाख पौधे होंगे मुफ्त वितरित

हरियाणा के झज्जर जिले को अधिक हराभरा बनाने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वन विभाग ने मानसून सीजन में बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान शुरू किया है। विभाग ने इस वर्ष जिले के विभिन्न क्षेत्रों में करीब 82 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके साथ ही स्कूलों, पंचायतों, सामाजिक संस्थाओं और विभिन्न सरकारी विभागों के माध्यम से लगभग 2 लाख पौधे निशुल्क वितरित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ सकें।
छायादार, फलदार और औषधीय पौधों पर रहेगा जोर
वन विभाग के अनुसार, अभियान के तहत छायादार, फलदार और औषधीय प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। विभागीय टीमें विभिन्न स्थानों का सर्वे कर पौधारोपण के लिए उपयुक्त भूमि का चयन कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और घटते हरित क्षेत्र को देखते हुए बड़े पैमाने पर पौधारोपण समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता बन गया है।
सिर्फ पौधे लगाना नहीं, उनका संरक्षण भी प्राथमिकता
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनके नियमित रखरखाव और संरक्षण को भी सुनिश्चित करना है। विभाग चाहता है कि लगाए गए पौधे भविष्य में बड़े वृक्ष बनें और जिले के पर्यावरण संतुलन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। इसके लिए संबंधित क्षेत्रों में निगरानी और देखभाल की व्यवस्था भी की जा रही है।

121 पुराने पेड़ों को मिल रही है ‘प्राण वायु देवता योजना’ का लाभ
वन विभाग के अधीक्षक दिनेश कुमार ने बताया कि विभाग नए पौधों के साथ-साथ पुराने और ऐतिहासिक महत्व वाले वृक्षों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। हरियाणा सरकार की ‘प्राण वायु देवता योजना’ के तहत झज्जर जिले के 121 ऐसे वृद्ध पेड़ों को संरक्षण दिया जा रहा है, जिनकी आयु 70 से 80 वर्ष या उससे अधिक है।
इन पेड़ों की देखभाल के लिए पात्र व्यक्तियों को प्रतिवर्ष 3,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि (पेंशन) प्रदान की जाती है। साथ ही, विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर इन पेड़ों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
जन आंदोलन बनाने की तैयारी
जिला वन अधिकारी साहिती रेड्डी ने कहा कि विभाग का लक्ष्य झज्जर को अधिक हराभरा बनाना और पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ना है। इसके लिए स्कूलों, सामाजिक संगठनों, पंचायतों और आम नागरिकों को अभियान में सक्रिय रूप से शामिल किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस वर्षा ऋतु में प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसके संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाए।
वन विभाग का यह अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यदि प्रशासन और आम नागरिक मिलकर पौधों की देखभाल सुनिश्चित करते हैं, तो आने वाले वर्षों में झज्जर हरियाली, स्वच्छ वातावरण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में प्रदेश के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बन सकता है।
