
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने छात्रों के भविष्य, परीक्षा व्यवस्था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका का जिक्र करते हुए विपक्ष पर कई राजनीतिक आरोप लगाए।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर विपक्ष को घेरा
पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि यदि विपक्ष की सोच केवल चुनावी जीत और हार तक सीमित है, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता देश और युवाओं का भविष्य है, न कि राजनीतिक लाभ-हानि।
लगाए गंभीर आरोप
गिरिराज सिंह ने दावा किया कि पूरे मामले में विदेश से भी कुछ लोगों की भूमिका की जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जल्द ही यह सामने आएगा कि किसे पैसा मिल रहा था, पैसा कहां भेजा जा रहा था और जंतर-मंतर पर क्या गतिविधियां चल रही थीं। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने सार्वजनिक रूप से कोई साक्ष्य पेश नहीं किया।

प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका की सराहना
केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने छात्रों के भविष्य को प्राथमिकता दी। उनके अनुसार, सरकार ने कम समय में लाखों छात्रों की परीक्षाएं आयोजित कराईं, परिणाम घोषित किए और प्रवेश प्रक्रिया को आगे बढ़ाया, जिससे विद्यार्थियों का शैक्षणिक सत्र प्रभावित नहीं हुआ।
छात्रों का समय बर्बाद नहीं होने दिया
गिरिराज सिंह ने कहा कि सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि छात्रों की पढ़ाई और करियर पर अनावश्यक असर न पड़े। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह युवाओं के मुद्दे का राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है, जबकि सरकार समाधान पर काम कर रही थी।
NEET विवाद के बाद तेज हुई राजनीतिक बहस
NEET और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवादों के बाद शिक्षा व्यवस्था को लेकर देशभर में आंदोलन हुए थे। इसी बीच धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जहां कुछ विपक्षी दल और छात्र संगठन इसे आंदोलन की सफलता बता रहे हैं, वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि सरकार ने छात्रों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
