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Punjab ED Raid: देर रात हाई कोर्ट की विशेष सुनवाई, ED की कार्रवाई की निगरानी करेगा वारंट अफसर

पंजाब में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की तलाशी और जब्ती कार्रवाई को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने बुधवार देर रात विशेष सुनवाई की। जस्टिस संजय वशिष्ठ की पीठ के सामने हुई सुनवाई रात एक बजे के बाद तक चली। इसके बाद अदालत ने कार्रवाई की निगरानी के लिए वरिष्ठ रैंक के वारंट अफसर को नियुक्त करने का आदेश दिया।

 हाई कोर्ट ने वारंट अफसर को क्या अधिकार दिए?

अदालत ने नियुक्त वारंट अफसर को तलाशी और जब्ती वाले स्थानों का किसी भी समय निरीक्षण करने की अनुमति दी है। उन्हें मौके की स्थिति और कार्रवाई से जुड़े तथ्यों की रिपोर्ट अदालत के सामने पेश करने का निर्देश दिया गया है।

वारंट अफसर को 24 सितंबर दोपहर 2 बजे तक स्थिति रिपोर्ट दाखिल करनी है। अदालत ने कहा है कि आगे की कार्रवाई रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर तय की जाएगी।

Punjab ED Raid: देर रात हाई कोर्ट की विशेष सुनवाई, ED की कार्रवाई की निगरानी करेगा वारंट अफसर

पंजाब सरकार ने अधिकारियों को हिरासत में लिए जाने का दावा किया

सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि ED की तलाशी और जब्ती कार्रवाई चल रही है और कुछ वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों को कथित तौर पर हिरासत में रखा गया है। यह भी दावा किया गया कि संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के बारे में पहले से सूचना नहीं दी गई थी।

हालांकि, हिरासत में लिए जाने संबंधी ये दावे सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की ओर से रखे गए थे। इन दावों पर अंतिम निष्कर्ष अदालत की आगे की कार्यवाही और जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

 GMADA दफ्तर में ED की कार्रवाई

ED ने मोहाली के फेज-8 स्थित Greater Mohali Area Development Authority (GMADA) के कार्यालय में तलाशी अभियान चलाया है। रिपोर्टों के मुताबिक एजेंसी की जांच कथित वित्तीय अनियमितताओं और रियल एस्टेट से जुड़े मामलों पर केंद्रित है। जांच में जमीन अधिग्रहण, प्रॉपर्टी लेन-देन, लैंड अलॉटमेंट और निजी डेवलपर्स से जुड़े रिकॉर्ड देखे जा रहे हैं।

 सरकार ने प्रशासनिक कामकाज प्रभावित होने की बात कही

सुनवाई में पंजाब सरकार की ओर से यह भी दलील रखी गई कि कार्रवाई के चलते राज्य की सरकारी मशीनरी के कामकाज पर असर पड़ रहा है। अदालत के समक्ष रखी गई इन परिस्थितियों को देखते हुए पीठ ने तत्काल निगरानी की व्यवस्था के तौर पर वारंट अफसर नियुक्त किया।

वारंट अफसर की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस की

हाई कोर्ट ने वारंट अफसर की सुरक्षा के लिए यूटी के पुलिस महानिदेशक और मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।

इसके बाद वारंट अफसर ने गुरुवार तड़के GMADA कार्यालय का निरीक्षण भी किया। द ट्रिब्यून के अनुसार वह करीब सुबह 4 बजे मौके पर पहुंचे और एक घंटे से अधिक समय तक वहां रहे। उन्हें दोपहर 2 बजे तक अपनी रिपोर्ट अदालत में पेश करनी है।

 ED की जांच किस मामले से जुड़ी है?

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार ED की कार्रवाई GMADA से जुड़े कथित रियल एस्टेट और वित्तीय अनियमितताओं की जांच का हिस्सा है। एजेंसी ने GMADA कार्यालय के अलावा अन्य स्थानों पर भी तलाशी ली है और अधिकारियों से पूछताछ की है। जांच के दौरान कौन से दस्तावेज या अन्य सामग्री जब्त की गई है, इसकी पूरी तस्वीर एजेंसी की आगे की कार्रवाई और आधिकारिक जानकारी से स्पष्ट होगी।

पंजाब में ED की कार्रवाई और राज्य सरकार की आपत्तियों के बीच हाई कोर्ट का वारंट अफसर नियुक्त करने का आदेश घटनाक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अब अदालत के सामने पेश होने वाली स्थिति रिपोर्ट से तलाशी की प्रक्रिया, मौके की परिस्थितियों और अधिकारियों से जुड़े दावों पर आगे की तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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