मैनपुरी में खेत की मेड़ बनी खूनी जंग की वजह, गोलीबारी में एक की मौत

खेत की एक मेड़ का विवाद देखते ही देखते ऐसी खूनी रंजिश में बदल गया कि पूरा गांव गोलियों की आवाज से दहल उठा। फायरिंग, फरसों से हमला और चीख-पुकार के बीच कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि एक युवक ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के बाद गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
खेत की मेड़ के विवाद ने लिया हिंसक रूप
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के किशनी थाना क्षेत्र स्थित छोटा हर्राजपुर गांव में रविवार रात खेत की मेड़ को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। बताया जा रहा है कि दोनों परिवारों के बीच कई दिनों से जमीन और सरकारी बचत भूमि को लेकर विवाद चल रहा था। खेत की जुताई के दौरान मेड़ टूटने के बाद विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प शुरू हो गई।

फायरिंग और धारदार हथियारों से हमला
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद के दौरान दोनों पक्षों में ताबड़तोड़ फायरिंग हुई और धारदार हथियारों से भी हमला किया गया। गोलियों की आवाज सुनते ही ग्रामीण अपने-अपने घरों में छिप गए। घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और घायल लोगों को परिजन तत्काल सैफई मेडिकल कॉलेज तथा अन्य अस्पतालों के लिए लेकर रवाना हुए।
चार घायल, एक युवक ने तोड़ा दम
इस खूनी संघर्ष में कुलदीप, दीपांशु, हिमांशु और अरविंद गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान दीपांशु की मौत हो गई, जबकि अन्य घायलों का उपचार जारी है। दूसरे पक्ष का मोहित चौहान भी घायल बताया गया है, जिसे पुलिस की निगरानी में इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर घर में घुसकर हमला करने और फायरिंग करने के आरोप लगाए हैं।
फॉरेंसिक टीम और अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और खून के नमूने, खोखे तथा अन्य साक्ष्य एकत्र कर जांच के लिए भेज दिए। पुलिस पूरे घटनाक्रम की हर पहलू से जांच कर रही है।
गांव में भारी पुलिस बल, आरोपियों की तलाश जारी
घटना के बाद पूरे गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं मृतक के परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मैनपुरी की यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि जमीन से जुड़े छोटे विवाद यदि समय रहते नहीं सुलझाए जाएं, तो वे गंभीर हिंसा का रूप ले सकते हैं। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर है कि इस सनसनीखेज वारदात में दोषियों को कितनी जल्दी कानून के कटघरे तक पहुंचाया जाता है
