
बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र शुरू होते ही सत्ता और विपक्ष आमने-सामने आ गए। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी दलों ने NEET पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया, जबकि परिसर में नए मंत्री के स्वागत की भी अलग तस्वीर देखने को मिली।
पहले दिन गरमाया मानसून सत्र
सोमवार से बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र की शुरुआत हुई। पहले ही दिन विपक्ष ने NEET पेपर लीक के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी विधायकों ने पैदल मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया।
RJD नेताओं ने सरकार को घेरा
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि NEET परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं से देशभर के छात्र प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है और सरकार को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। साथ ही उन्होंने सोनम वांगचुक से जुड़े घटनाक्रम का भी उल्लेख करते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।

छात्रों के मुद्दों पर विपक्ष का प्रदर्शन
RJD के विधान परिषद सदस्य सुनील सिंह ने भी छात्रों की समस्याओं और कथित पेपर लीक के मामलों को लेकर सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। विपक्षी नेताओं ने किसानों और अन्य जनहित के मुद्दों को भी अपने प्रदर्शन का हिस्सा बनाया।
सदन के बाहर दिखी दो अलग तस्वीरें
विधान परिषद परिसर में एक ओर स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का स्वागत फूलों के गुलदस्ते से किया गया, वहीं दूसरी ओर विपक्षी नेता पोस्टर लेकर प्रदर्शन करते नजर आए। प्रदर्शनकारियों के पोस्टरों पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग और छात्रों के प्रति जवाबदेही तय करने की बातें लिखी थीं। यह दृश्य सत्ता और विपक्ष की अलग-अलग प्राथमिकताओं को दर्शाता रहा।
