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दिल्ली SIR में 33 लाख से ज्यादा वोटरों को नोटिस, रेखा गुप्ता और केजरीवाल भी शामिल

दिल्ली में वोटर लिस्ट के Special Intensive Revision (SIR) के तहत 33 लाख से ज्यादा मतदाताओं को ‘No Mapping’ और ‘Logical Discrepancies’ के आधार पर नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के सदस्य भी शामिल हैं। चुनाव अधिकारियों ने दोनों मामलों पर अलग-अलग स्थिति स्पष्ट की है।

SIR में कितने वोटरों को मिला नोटिस?

दिल्ली की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 31 अगस्त को जारी हुई थी। चुनाव अधिकारियों के आंकड़ों के अनुसार, 13,79,785 मतदाताओं की जानकारी पिछली SIR सूची से मैप नहीं हो सकी, जबकि 19,33,134 मतदाताओं के रिकॉर्ड में ‘Logical Discrepancies’ चिन्हित की गईं। दोनों श्रेणियों को मिलाकर संख्या 33,12,919 है। हालांकि, अधिकारियों के अनुसार अब तक करीब 31.64 लाख नोटिस जनरेट किए गए हैं और बाकी नोटिस जारी किए जाने की प्रक्रिया जारी है।

नोटिस मिलने का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित मतदाता का नाम स्वतः वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है। उन्हें जवाब और जरूरी दस्तावेज देकर अपनी जानकारी सत्यापित कराने का अवसर दिया गया है।

CM रेखा गुप्ता को क्यों मिला नोटिस?

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का नाम ‘Logical Discrepancy’ श्रेणी में आया था। चुनाव अधिकारियों के अनुसार, उनके Enumeration Form में दर्ज उम्र और उनके माता-पिता की उम्र के बीच निर्धारित मानकों के हिसाब से विसंगति मिली थी।

इसके बाद बूथ लेवल अधिकारी (BLO) ने उनका भौतिक सत्यापन किया। रेखा गुप्ता की ओर से दिए गए दस्तावेजों और जानकारी की जांच के बाद उनकी एंट्री Validated कर दी गई है। अधिकारी के मुताबिक उनका नाम अंतिम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए रखा गया है।

दिल्ली SIR में 33 लाख से ज्यादा वोटरों को नोटिस, रेखा गुप्ता और केजरीवाल भी शामिल

केजरीवाल और परिवार को नोटिस क्यों?

पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, उनके माता-पिता और बेटे पुलकित केजरीवाल के नाम भी नोटिस पाने वालों की सूची में हैं।

नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) के अनुसार, केजरीवाल परिवार के विवरण पिछली SIR की वोटर लिस्ट से मैप नहीं हो सके। उनके Enumeration Form में पिछली SIR की सूची से लिंक करने के लिए जरूरी जानकारी पूरी नहीं थी। इसी वजह से उनके नाम ‘No Mapping’ श्रेणी में आए।

AAP के दावे पर चुनाव अधिकारी ने क्या कहा?

AAP की ओर से दावा किया गया था कि अरविंद केजरीवाल का नाम वोटर लिस्ट से गायब है। इसके बाद चुनाव अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका नाम ड्राफ्ट वोटर रोल में मौजूद है और नोटिस जारी होने की वजह पिछली SIR सूची से विवरण का मैप न होना है।

ERO के मुताबिक, केजरीवाल और उनके परिवार के दस्तावेजों और तथ्यों की निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच के बाद उनकी एंट्री को अंतिम सूची में शामिल किया जाएगा।

‘No Mapping’ और ‘Logical Discrepancy’ का मतलब

SIR में मतदाताओं के रिकॉर्ड को पिछली संबंधित वोटर लिस्ट से जोड़ने की प्रक्रिया की जा रही है। जिन मतदाताओं की जानकारी पिछली सूची से लिंक नहीं हो सकी, उन्हें ‘No Mapping’ श्रेणी में रखा गया है। वहीं नाम, माता-पिता की जानकारी या उम्र से जुड़े कुछ असंगत रिकॉर्ड ‘Logical Discrepancies’ के तहत चिह्नित किए गए हैं।

दिल्ली की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में इस प्रक्रिया के बाद 97,53,577 मतदाताओं के नाम हैं, जबकि 30 जून की सूची में 1,45,10,299 मतदाता थे।

22 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

दिल्ली SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी मामला पहुंचा है। एक याचिका में नोटिस पाने वाले मतदाताओं के नाम और नोटिस जारी करने के आधार को लेकर पारदर्शिता पर सवाल उठाए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई 22 सितंबर 2026 को तय की है।

निष्कर्ष

दिल्ली में SIR के तहत बड़े पैमाने पर मतदाता रिकॉर्ड की दोबारा जांच की जा रही है। रेखा गुप्ता के मामले में दस्तावेजों के सत्यापन के बाद उनकी एंट्री वैलिडेट की जा चुकी है, जबकि केजरीवाल परिवार को पिछली SIR सूची से विवरण मैप न होने के कारण नोटिस मिला है। अंतिम वोटर लिस्ट में नाम बनाए रखने का फैसला निर्धारित सत्यापन प्रक्रिया के बाद होगा।

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