
दिल्ली में संसद मार्च के दौरान हुई झड़पों के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता अभिजीत दीपके ने समर्थकों के नाम भावुक संदेश जारी किया। उन्होंने प्रदर्शन में घायल हुए लोगों, विशेषकर छात्राओं, से माफी मांगते हुए कहा कि उनकी सुरक्षा के लिए और बेहतर प्रयास किए जा सकते थे।
प्रदर्शन के बाद अभिजीत दीपके का माफीनामा
मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए अपने संदेश में अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन के दौरान घायल हुए सभी समर्थकों से क्षमा मांगी। उन्होंने विशेष रूप से उन छात्राओं का उल्लेख किया, जिन्हें प्रदर्शन के दौरान चोटें आने की बात कही गई। दीपके ने लिखा कि प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए और अधिक प्रभावी प्रयास किए जा सकते थे।
सुरक्षा व्यवस्था पर जताया अफसोस
अभिजीत दीपके ने अपने संदेश में कहा कि वह प्रदर्शनकारियों को कथित पुलिस कार्रवाई से पूरी तरह सुरक्षित नहीं रख पाए, जिसका उन्हें अफसोस है। उन्होंने माना कि आंदोलन के दौरान सुरक्षा को लेकर और बेहतर तैयारी की जा सकती थी, ताकि किसी भी समर्थक को चोट न पहुंचे।

केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री पर लगाए आरोप
अपने पोस्ट में अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही है। यह आरोप अभिजीत दीपके का बयान है। संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया इस समाचार में उपलब्ध नहीं है।
प्रदर्शन में कई लोग हुए घायल
सोमवार को जंतर-मंतर से संसद की ओर निकाले गए मार्च के दौरान कई स्थानों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई। प्रदर्शनकारियों ने बल प्रयोग के आरोप लगाए, जबकि दिल्ली पुलिस के अनुसार इस घटनाक्रम में 118 सुरक्षाकर्मी भी घायल हुए। पूरे मामले की जांच जारी है।
घायलों से सीधे संपर्क करने की अपील
अभिजीत दीपके ने अपने संदेश के अंत में कहा कि प्रदर्शन के दौरान जो भी व्यक्ति घायल हुआ है, वह उन्हें सीधे संदेश भेजे। उन्होंने घायलों से मुलाकात करने और हरसंभव सहायता देने की बात कही। साथ ही उन्होंने कहा कि छात्रों के अधिकारों और न्याय की मांग को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
दिल्ली संसद मार्च के बाद जारी अभिजीत दीपके के संदेश ने आंदोलन को नया राजनीतिक और सामाजिक आयाम दिया है। एक ओर उन्होंने घायल समर्थकों से माफी मांगी, वहीं दूसरी ओर सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए। अब पूरे घटनाक्रम की जांच और आगे की राजनीतिक प्रतिक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है।
