
बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन ग्रामीण इलाकों में सोलर लाइटों की खराब स्थिति को लेकर सदन में तीखी बहस देखने को मिली। इस दौरान बीजेपी विधायक जीवेश मिश्रा ने अपनी ही सरकार के मंत्री के जवाब पर सवाल उठाते हुए उन्हें अपने क्षेत्र में चलकर वास्तविक स्थिति देखने की खुली चुनौती दे दी।
विधानसभा में उठा सोलर लाइट का मुद्दा
सदन में सबसे पहले जेडीयू विधायक श्याम रजक ने पंचायती राज विभाग की ओर से लगाए गए सोलर लाइटों की स्थिति पर सवाल उठाया। उन्होंने दावा किया कि लक्ष्य के मुकाबले केवल 97 प्रतिशत सोलर लाइटें लगाई गईं और उनमें से बड़ी संख्या में लाइटें खराब हैं, जिससे कई गांवों में अंधेरा पसरा हुआ है।
मंत्री ने दिया जवाब
पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश (RLM) ने सदन में कहा कि यह कहना सही नहीं है कि सभी जगह 70 प्रतिशत सोलर लाइटें बंद हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ स्थानों से शिकायतें मिली हैं, लेकिन किसी एजेंसी के सरकारी धन लेकर फरार होने की बात सही नहीं है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच जारी है और जहां शिकायतें हैं, वहां मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है।

बीजेपी विधायक ने दी खुली चुनौती
मंत्री के जवाब से असंतुष्ट बीजेपी विधायक एवं पूर्व मंत्री जीवेश मिश्रा ने कहा कि सरकार को वास्तविक स्थिति स्वीकार करनी चाहिए। उन्होंने मंत्री से कहा कि यदि उन्हें सच्चाई जाननी है तो वे उनके विधानसभा क्षेत्र में चलकर स्वयं देख लें कि कितनी सोलर लाइटें चालू हैं और कितनी खराब पड़ी हैं। उन्होंने कहा कि जांच के लिए टीम बनाकर मौके पर निरीक्षण किया जाए।
विधानसभा अध्यक्ष से भी की मांग
जीवेश मिश्रा ने विधानसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि सभी दलों के विधायकों की एक समिति बनाकर सोलर लाइटों की स्थिति की जांच कराई जाए, ताकि वास्तविक तस्वीर सामने आ सके। उनका कहना था कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही समस्याओं का सही आकलन होगा।
सरकार ने दिया समाधान का भरोसा
मंत्री दीपक प्रकाश ने सदन को आश्वस्त किया कि जहां-जहां सोलर लाइटों से जुड़ी शिकायतें हैं, उन्हें चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि दोषी एजेंसियों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी और खराब सोलर लाइटों की मरम्मत का कार्य तेजी से कराया जाएगा।
