
बिहार की राजनीति में इन दिनों तेजी से हलचल देखने को मिल रही है क्योंकि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल विस्तार से पहले दूसरी बार दिल्ली दौरे पर पहुंचे हैं। यह दौरा राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि 6 मई को प्रस्तावित मंत्रिमंडल विस्तार से पहले पार्टी नेतृत्व के साथ अंतिम चर्चा होनी है। इस यात्रा को सरकार और संगठन दोनों के लिए निर्णायक कदम के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में इस दौरे को लेकर लगातार चर्चाएं तेज हैं और सभी की नजरें अब दिल्ली में होने वाली बैठकों पर टिकी हैं।
शीर्ष नेतृत्व से मैराथन बैठकों का कार्यक्रम
दिल्ली में मुख्यमंत्री का पूरा दिन उच्चस्तरीय बैठकों से भरा हुआ है। सुबह 10:15 बजे उनकी मुलाकात रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से तय है जिसके बाद 11 बजे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और 11:30 बजे केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी से बैठक होगी। दोपहर में 1 बजे गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय से चर्चा प्रस्तावित है। शाम को 6 बजे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और 6:30 बजे भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से उनकी महत्वपूर्ण बैठक होगी। सबसे अहम बैठक गृह मंत्री अमित शाह के साथ मानी जा रही है जहां मंत्रिमंडल के अंतिम स्वरूप पर अंतिम मुहर लगने की संभावना जताई जा रही है।

मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर बड़े संकेत
सूत्रों के अनुसार बिहार में भाजपा कोटे से कुल 16 मंत्री बनाए जाने की तैयारी चल रही है। इनमें से लगभग 13 पुराने चेहरों को दोबारा मौका मिलने की संभावना है जबकि तीन नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने पर गंभीर विचार किया जा रहा है। इन नए नामों को लेकर पार्टी के अंदर मंथन जारी है और अंतिम सूची पर सहमति बनाने की कोशिश हो रही है। वहीं जदयू खेमे से भी 2 से 3 नए चेहरों के शामिल होने की चर्चा है। एनडीए के अन्य सहयोगी दलों के नाम भी लगभग तय माने जा रहे हैं जिससे सरकार के नए स्वरूप की तस्वीर धीरे धीरे साफ होती जा रही है।
नीतीश से मुलाकात और विस्तार की रणनीति
दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की थी जो लगभग आधे घंटे तक चली। इस मुलाकात को राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसमें मंत्रिमंडल विस्तार के फॉर्मूले पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार दोनों नेताओं के बीच नए मंत्रियों के चयन और विभागों के बंटवारे को लेकर भी बातचीत हुई। इससे पहले शपथ ग्रहण समारोह सादगी से संपन्न हुआ था लेकिन अब मंत्रिमंडल विस्तार को भव्य रूप देने की तैयारी है। संभावना है कि इस कार्यक्रम में भाजपा के कई वरिष्ठ राष्ट्रीय नेता भी शामिल हो सकते हैं। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि वे तीन नए चेहरे कौन होंगे जो बिहार की सियासत में नई भूमिका के साथ सामने आएंगे।
