
उत्तर प्रदेश में आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर जारी मतदाता सूची अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई है। अमेठी से पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता Smriti Irani का नाम पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची में नहीं होने का मामला सामने आया है। इस खबर के बाद स्थानीय राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार, गौरीगंज ब्लॉक की मेदन मवई ग्राम पंचायत की अंतिम मतदाता सूची में स्मृति ईरानी का नाम शामिल नहीं है। वहीं, कुछ स्थानीय लोगों ने यह भी दावा किया है कि सूची में कई मृतकों के नाम अब भी मौजूद हैं, जबकि पात्र मतदाताओं के नाम छूट गए हैं।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए एसडीएम Preeti Tiwari ने बताया कि शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। संबंधित खंड विकास अधिकारी (BDO) को जांच कर आवश्यक कार्रवाई और संशोधन के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि दावा-आपत्ति प्रक्रिया के आधार पर पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे और अपात्र या मृतक मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे।
वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष Sudhanshu Shukla ने स्पष्ट किया कि स्मृति ईरानी का नाम विधानसभा मतदाता सूची में दर्ज है। पंचायत मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज बीएलओ को समय पर उपलब्ध करा दिए गए थे। इस संबंध में प्रशासन से बातचीत भी की गई है और जल्द सुधार का आश्वासन मिला है।
मेदन मवई ग्राम पंचायत के प्रधान प्रतिनिधि तीरथराज मिश्र ने भी दावा किया कि स्मृति ईरानी का नाम जुड़वाने के लिए सभी आवश्यक अभिलेख समय से जमा किए गए थे। इसके बावजूद अंतिम सूची में उनका नाम शामिल नहीं किया गया।
सिर्फ स्मृति ईरानी का मामला ही नहीं, बल्कि शाहगढ़ क्षेत्र की पनियार ग्राम पंचायत में भी 870 से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से गायब होने की शिकायत सामने आई है। इससे मतदाता सूची के पुनरीक्षण और सत्यापन प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं।
फिलहाल प्रशासन ने जांच और आवश्यक संशोधन का भरोसा दिया है। अब देखना होगा कि अंतिम स्तर पर सुधार प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची में किन-किन नामों को शामिल किया जाता है और इस मुद्दे का स्थानीय राजनीति पर क्या असर पड़ता है।
