
पंजाब की राजनीति में विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि पंजाब विधानसभा चुनाव फरवरी 2027 के बजाय नवंबर 2026 में कराए जा सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि आगामी चुनाव में पार्टी मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में ही मैदान में उतरेगी।
बठिंडा में आयोजित एक रोड शो को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि पंजाब में विधानसभा चुनाव निर्धारित समय से पहले नवंबर 2026 में हो सकते हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अभी से चुनावी तैयारियों में जुट जाने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि चुनाव जल्दी होते हैं तो पार्टी के पास बहुत कम समय बचेगा। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी का लक्ष्य भगवंत मान को दोबारा मुख्यमंत्री बनाना है।
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भगवंत मान, वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया, पंजाब प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा सहित कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। रोड शो के दौरान केजरीवाल ने हाल ही में हुए नगर निकाय चुनावों में पार्टी को मिली सफलता के लिए जनता का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी ने नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 1,977 वार्ड सीटों में से 958 सीटों पर जीत हासिल की है। केजरीवाल ने कहा कि पिछले चार वर्षों में पंजाब की जनता ने आम आदमी पार्टी की सरकार के कामकाज को करीब से देखा है और लोग सरकार के प्रदर्शन से संतुष्ट हैं।
वहीं मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने संबोधन में विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि हालिया स्थानीय निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी, शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस ने अप्रत्यक्ष रूप से मिलकर आम आदमी पार्टी के खिलाफ रणनीति बनाई थी। बावजूद इसके जनता ने AAP के पक्ष में स्पष्ट जनादेश देकर विपक्ष को करारा जवाब दिया।
भगवंत मान ने कहा कि पंजाब के लोग राजनीतिक रूप से जागरूक हैं और उन्होंने उन दलों की मंशा को समझ लिया जो सत्ता में रहते हुए भ्रष्टाचार और पारंपरिक राजनीति को बढ़ावा देते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने ईमानदार और पारदर्शी प्रशासन देने का प्रयास किया है, जिसके कारण जनता का विश्वास लगातार मजबूत हुआ है।
हालांकि, पंजाब विधानसभा चुनाव नवंबर 2026 में होने को लेकर अभी तक निर्वाचन आयोग या किसी आधिकारिक एजेंसी की ओर से कोई घोषणा नहीं की गई है। फिलहाल केजरीवाल का यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। यदि चुनाव समय से पहले होते हैं, तो राज्य में राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या पंजाब में विधानसभा चुनाव वास्तव में तय समय से पहले होंगे या फिर चुनाव फरवरी 2027 में ही आयोजित किए जाएंगे।
