
मध्य प्रदेश की राजनीति में चुनावी सरगर्मियां तेज होती जा रही हैं। इसी बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दतिया विधानसभा सीट को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा है कि इस बार कांग्रेस ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता बदलाव के पक्ष में है और पार्टी प्रत्याशी कम से कम 25 हजार वोटों के अंतर से चुनाव जीतेगा।
दतिया सीट पर कांग्रेस की मजबूत जीत का दावा
इंडिया टीवी से बातचीत में जीतू पटवारी ने कहा कि दतिया विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के पक्ष में माहौल बन चुका है। उनके मुताबिक, जनता अब बदलाव चाहती है और कांग्रेस के चुनाव चिह्न ‘हाथ’ को भारी समर्थन मिलेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता बूथ स्तर तक सक्रिय हैं और जनता का भरोसा कांग्रेस के साथ लगातार मजबूत हो रहा है।

नरोत्तम मिश्रा पर लगाए गंभीर आरोप
पटवारी ने पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि दतिया में लंबे समय तक “रिवेंज पॉलिटिक्स” की गई, जिससे आम लोग परेशान रहे। उन्होंने कहा कि इस बार मतदाता बदले की राजनीति का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देंगे। साथ ही उन्होंने नरोत्तम मिश्रा के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए तंज भी कसा और कहा कि अब जनता अपने भविष्य का फैसला खुद करेगी।
बीजेपी के अंदरूनी हालात पर भी साधा निशाना
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने बीजेपी के भीतर चल रही कथित अंदरूनी खींचतान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर नेताओं के बीच विश्वास की कमी दिखाई दे रही है। हालांकि टिकट और नेतृत्व से जुड़े मुद्दों को उन्होंने बीजेपी का आंतरिक मामला बताते हुए कहा कि इन घटनाक्रमों में मुख्यमंत्री की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। यह उनके राजनीतिक आरोप हैं, जिन पर बीजेपी की ओर से अलग राय हो सकती है।
‘परिवर्तन चाहती है मध्य प्रदेश की जनता’
जीतू पटवारी ने दावा किया कि प्रदेश के मतदाता अब नई राजनीतिक दिशा चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यदि पिछले चुनाव लड़ने वाले बीजेपी के कुछ नेता दोबारा मैदान में उतरते, तो उन्हें पहले से भी बड़ी हार का सामना करना पड़ता। पटवारी ने दतिया को मां पीतांबरा की पवित्र भूमि बताते हुए कहा कि जनता विकास, न्याय और जवाबदेही के मुद्दों पर मतदान करेगी।
चुनावी दावों की असली परीक्षा मतदान में
चुनावी मौसम में राजनीतिक दलों के दावे और आरोप-प्रत्यारोप तेज होना स्वाभाविक है। कांग्रेस की ओर से दतिया में बड़ी जीत का दावा किया गया है, जबकि बीजेपी भी अपनी रणनीति के साथ मैदान में सक्रिय है। आखिरकार किसे जनता का समर्थन मिलेगा, इसका फैसला चुनाव परिणाम आने के बाद ही होगा। लोकतंत्र में अंतिम निर्णय हमेशा मतदाताओं के हाथ में होता है।
