
चंडीगढ़ के सेक्टर-42 में संपत्ति विवाद से जुड़ी एक कार्रवाई उस समय हिंसक मोड़ पर पहुंच गई, जब अदालत के आदेश पर मकान का कब्जा लेने पहुंची महिला पर एक वकील ने पुलिस की मौजूदगी में गोली चला दी। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कोर्ट के आदेश के पालन के दौरान हुई वारदात
शनिवार दोपहर सेक्टर-42 स्थित गर्ल्स कॉलेज के सामने पुलिस और प्रशासन की टीम अदालत के आदेश का पालन कराने पहुंची थी। महिला मनविंदर कौर को न्यायालय के निर्देशानुसार उनके मकान का कब्जा दिलाने की प्रक्रिया चल रही थी। सब कुछ सामान्य दिख रहा था, लेकिन कुछ ही पलों में माहौल गोलियों की आवाज से दहल उठा।
लाइसेंसी रिवॉल्वर से किया फायर
पुलिस के अनुसार, मकान पर कब्जा किए हुए एक वकील ने अचानक अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर निकालकर मनविंदर कौर पर गोली चला दी। गोली लगते ही वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ीं। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और अधिकारियों ने तुरंत उन्हें सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है।

पुलिस ने तुरंत लिया एक्शन
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने आरोपी वकील को हिरासत में ले लिया और उसकी लाइसेंसी रिवॉल्वर जब्त कर ली। घटनास्थल को सुरक्षित कर फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।
संपत्ति विवाद बना हिंसा की वजह
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह मामला लंबे समय से चल रहे संपत्ति विवाद से जुड़ा था। अदालत ने हाल ही में मनविंदर कौर के पक्ष में फैसला सुनाया था और पुलिस को कब्जा दिलाने का निर्देश दिया था। इसी कार्रवाई के दौरान यह हिंसक घटना हुई, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी।
हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करने की तैयारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। जांच इस पहलू पर भी की जा रही है कि फायरिंग पूर्व नियोजित थी या मौके पर हुए विवाद का नतीजा।
पुलिस की मौजूदगी में हुई यह फायरिंग सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल है। अदालत के आदेश का पालन कराने पहुंचे अधिकारियों के सामने गोली चलना बताता है कि संपत्ति विवाद कितने गंभीर रूप ले सकते हैं। अब जांच से यह स्पष्ट होगा कि घटना के पीछे केवल व्यक्तिगत विवाद था या इसके पीछे कोई सुनियोजित साजिश भी शामिल थी।
