बरेली में दरोगा का वीडियो वायरल, निर्माणाधीन दीवार गिराते दिखे; पुलिस पर उठे सवाल

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के फरीदपुर थाना क्षेत्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक उपनिरीक्षक (दरोगा) निर्माणाधीन दीवार को पैर मारकर गिराते दिखाई दे रहे हैं, जबकि उनके साथ मौजूद एक सिपाही फावड़े से ईंटें हटाता नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
पैतृक जमीन को लेकर चल रहा था विवाद
जानकारी के अनुसार, मामला बरेली के भुता ब्लॉक स्थित ग्राम कैरुआ का है। यहां संजय शास्त्री और उनके परिवार के बीच करीब 20 साल पुराने पैतृक जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा है। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया, जिसके बाद डायल-112 पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया और शांति भंग की आशंका के चलते निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए।
वीडियो में दीवार गिराते दिखे दरोगा
आरोप है कि शुरुआती कार्रवाई के बाद हल्का संख्या-2 में तैनात उपनिरीक्षक परविंदर कुमार एक सिपाही के साथ दोबारा मौके पर पहुंचे। आरोपों के अनुसार, उन्होंने किसी न्यायालय के आदेश, राजस्व विभाग की मौजूदगी या प्रशासनिक अनुमति के बिना निर्माणाधीन दीवार गिरानी शुरू कर दी। वायरल वीडियो में दरोगा दीवार पर पैर मारते दिखाई दे रहे हैं, जबकि सिपाही फावड़े से ईंटें निकालता नजर आ रहा है। ये आरोप संबंधित पक्ष के हैं।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
मौके पर मौजूद कुछ ग्रामीणों ने पूरी घटना अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर ली। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस घटना को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर भी विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
पुलिस अधिकारियों का बयान आना बाकी
फरीदपुर के क्षेत्राधिकारी (सीओ) से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने बैठक में व्यस्त होने की बात कही। समाचार लिखे जाने तक इस मामले में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। वहीं, उपनिरीक्षक परविंदर कुमार ने बताया कि वह पहले ट्रैफिक पुलिस में तैनात थे और हाल ही में पदोन्नति के बाद सिविल पुलिस में आए हैं। उनका कहना है कि सिविल मामलों की प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं होने के कारण उनसे यह गलती हुई।
जांच की मांग तेज
वीडियो वायरल होने के बाद पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। अब लोगों की नजर पुलिस प्रशासन की आगामी कार्रवाई और आधिकारिक जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है। बरेली के फरीदपुर क्षेत्र से सामने आया यह वीडियो पुलिस की कार्यशैली को लेकर नई बहस छेड़ रहा है। फिलहाल मामले में आधिकारिक जांच और पुलिस प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
